Warning: session_start(): open(/var/cpanel/php/sessions/ea-php73/sess_2e91541320322cce079faf2ec2c2a9da, O_RDWR) failed: No such file or directory (2) in /home/vwrfxhci52eu/public_html/ramalshastra.com/wp-content/plugins/wp-user-avatar/src/Classes/PPRESS_Session.php on line 286

Warning: session_start(): Failed to read session data: files (path: /var/cpanel/php/sessions/ea-php73) in /home/vwrfxhci52eu/public_html/ramalshastra.com/wp-content/plugins/wp-user-avatar/src/Classes/PPRESS_Session.php on line 286
Ramal Shastra Astrology, Jyotish Online, Vidya Remedies, Tips

ट्रेंडिंग आर्टिकल

भारतीय ज्योतिष और उसका इतिहास

अपना भविष्य जानने की अभिलाषा मनुष्य में प्राकृतिक एवं अनिवार्य हैं, यथा। वन समाश्रिता येपि निर्ममा निष्परिग्रहा:। अपिते परिपृच्छन्ति ज्योतिषां गति कोविदम्॥ ‘‘जो सर्वसंग परित्याग कर वन का आश्रय ले चुके हैं, ऐसे राग-द्वेष...

भद्रा

भद्रा अथवा विष्टि पंचागों की एक व्यापक वस्तु है। जिस तिथि को विष्टि किरण पड़े उस दिन भद्रा होती है। यह प्राय: प्रत्येक द्वितीया, तृतीया, सप्तमी, अष्टïमी और द्वादशी व त्रयोदशी को लगी रहती है। मुहर्त चिन्तामणि की पीयूष...

मृत आत्माओं से सम्पर्क

विज्ञान आदमी की मृत्यु के बाद आत्मा का अस्तित्व नहीं मानता। इसके बावजूद संसार के प्रत्येक धर्म, सम्प्रदाय में यह धारणा है कि मरने के बाद आत्मा का अस्तित्व रहता है। भारत के विश्व प्रसिद्ध धर्मग्रंथ ‘गीता’ में तो इसे...

Hanumat Kavach

।। श्रीहनुमत्कवचम् ।।

किसी भी विशेष कार्य से पूर्व, यात्रारम्भ में एवं शयन के पहले श्रीहनुमत्कवचम् का पाठ अति-उत्तम एवं फलप्रद कहा गया है । प्रत्येक सुबह दिन की शुरुआत यदि हनुमत कवच से जो भी करता है वह तंत्र, मन्त्र, नजर, भूत प्रेत दोषों से...

वैवाहिक समस्याएं

विवाह में विलम्ब हेतु उपाय — कुमारिका व्रत :- जिस कन्या का विवाह न हो रहा हो। वह स्वयं रविवार सायंकाल को आधा लीटर दूध लाएँ। जिसमें से मक्खन निकाल सके। (हर रोज़ जो दूध घर में आता है यह उसके अतिरिक्त हो) कन्या दूध को गर्म...

मंत्र : सैद्धान्तिक विश्लेषण

समृग सृष्टि शब्द के आणविक स्तरों से आवृत है। शब्द ब्रह्म के समकक्ष है। मानवता की अनिरुद्ध यात्रा का अक्षर पाथेय बनकर शब्द ने अपनी अनन्त एवं असीम अनिवार्यता का परिचय दिया है। मंत्रि गुप्तभाषणे धातु से घञ् प्रत्यय द्वारा...

Pranic Healing

प्राणशक्ति उपचार की प्रकृति

प्राणशक्ति  उपचार शरीर के संपूर्ण ढ़ांचे पर आधारित है। मनुष्य का संपूर्ण जैविक शरीर मुख्य: दो भागों से बना होता है। एक दृश्य शरीर, जो दिखाई देता है तथा दूसरा न दिखाई देने वाला ऊर्जा शरीर जिसे जीव द्रव्य शरीर कहते है।...

दीपावली पूजन विधि एवं मुहूर्त

इस वर्ष दीपावली 14 नवम्बर 2020, शनिवार को शास्त्रों के अनुसार मनाई जाएगी l महालक्ष्मी पूजन हेतु मुहुर्त : दीपावली या दिवाली पर महालक्ष्मी पूजन हेतु कार्तिक माह की अमावस्या को प्रदोष काल में स्थिर नवांश में पूजा करने का...

शरद पूर्णिमा और इसका तंत्रोक्त महत्व

स्वास्थ्य और सम्पन्नता प्रदायनी शरद पूर्णिमा महोत्सव  – आचार्य अनुपम जौली “इस वर्ष शरद पूर्णिमा तिथि 30 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 46 मिनट से आरम्भ होकर 31 अक्टूबर को रात 08 बजकर 19 मिनट तक रहेगी l” आश्विन मास की...

विवाह में मंगलीक योग व परिहार विचार

Manglik (Mangal) Dosha Effects and Remedies Manglik Dosha after 28 years मांगलिक दोष : लड़के या लड़की की जन्म कुन्डली में यदि पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल पड़ जाए तो एक दूसरे के जीवन को अरिष्टकारी...

स्वप्नों के अर्थ

वैज्ञानिकों के अनुसार निद्रा की अवस्था में भी हमारा मस्तिष्क सक्रिय रहता है। इस दौरान अचेतन मन की इच्छाएं, कल्पनाएं तथा अन्य समस्त प्रकार के विचार दिमाग में चलते रहते हैं। ये विचार ही हमें स्वप्न के रूप में दिखाई देते...

वेदांग ज्योतिष में योगों की उपयोगिता

वेदांग ज्योतिष में सूर्य तथा चन्द्रमा की परस्पर गति से बनने वाले कुल सत्ताईस योगों का वर्णन किया गया है। इनके नाम क्रमश – (1) विषकुंभ, (2) प्रीति, (3) आयुष्मान, (4) सौभाग्य, (5) शोभन, (6) अतिगंड, (7) सुकर्म, (8)...

राहुकाल

राहुकाल

राहुकाल में किए गए कार्यों का परिणाम सदैव शून्य ही होता है। माना जाता है कि राहुकाल में आरंभ किया गया कार्य राहु का असर होने के कारण निष्फल जाता है। राहुकाल की अवधि दिन के आठवें भाग (अर्थात डेढ घंटा) होती है। इस समयकाल...

संतान के जन्म में “पाया” का महत्व

एक गृहस्थ के लिए उसके जीवन में संतान का जन्म सबसे ज्यादा खुशियों वाला पल होता है l उसके बाद यह चिंताएं होती है की बालक हमारे लिए और स्वयं के लिए किसी भी प्रकार से कष्टदायक तो नहीं है l  इसके लिए ज्योतिष में गंडमूल...

रहस्य सिद्धि – पुरुषार्थ और वैज्ञानिक बुद्धि ले जाएगी गंतव्य तक

रहस्य सिद्धि भाग – 4 स्वयं के अनुभव का महत्व मांगना नहीं है – खोजना है  विचारवान और खोजी चित्त का लक्षण यह है-अगर है तो मैं खोजूंगा। अगर मिलेगा तो मेरी पात्रता और अधिकार से मिलेगा। अगर मिलेगा तो मेरे जीवन...

Anupam Jolly

रहस्य सिद्धि – ध्यान है प्रत्येक सफलता का राज l

रहस्य सिद्धि भाग – 3 ध्यान की उपोगिता चमत्कारों की उपलब्धि किसी मन्त्र या तन्त्र के जाप से या किसी विशेष विधि से भी चमत्कारों का स्वामी बना जा सकता होगा, परन्तु यहाँ हम उसका कोई भी जिक्र नहीं करेंगें। यद्यपि हाथ...

रहस्य सिद्धि – योग का अर्थ

रहस्य सिद्धि धारवाहिक श्रंखला भाग 1 भारत में योग और तंत्र का विकास एक साथ हुआ । ऋषि पातंजलि और अन्य ऋषियों ने सीमित जीवन में भी खुद को असीमित कर दिया । और न सिर्फ अपने को असीमित किया अपितु उसकी विधियाँ भी जिगासुओं को...

व्यवसाय एवं नौकरी में वृद्धि के लिए उपाय

व्यापार में वृद्धि तथा उन्नति के लिए किसी मंदिर में प्रत्येक शुक्रवार को अनार तथा शनिवार को मुट्ठी भर साबुत उड़द चढ़ाएं। गुरुवार के दिन श्यामा तुलसी के पौधे के गमले में उगी हुई खरपतवार को निकालकर किसी पीले कपड़े में...

भारतीय प्राच्य विद्या

व्यवसाय तथा ग्रह

व्यवसायों के प्रकार का निर्णय ग्रहों को स्वरूप, बल आदि पर निर्भर करता है। जो ग्रह अत्यधिक बलवान् होकर लग्न, लग्नेश आदि आजीविका के द्योतक अंगों पर प्रभाव डालता है वह ग्रह आजीविका  के स्वरूप अथवा प्रकार को जतलाने वाला...

भारतीय ज्योतिष और उसका इतिहास

अपना भविष्य जानने की अभिलाषा मनुष्य में प्राकृतिक एवं अनिवार्य हैं, यथा। वन समाश्रिता येपि निर्ममा निष्परिग्रहा:। अपिते परिपृच्छन्ति ज्योतिषां गति कोविदम्॥ ‘‘जो सर्वसंग परित्याग कर वन का आश्रय ले चुके हैं, ऐसे राग-द्वेष...

भाग्य रेखा

“समय से पहले एवं भाग्य से अधिक कुछ नहीं मिलता”, Not before Time and not more than Fate. अतः यह प्रारब्ध (भाग्य) क्या है? ज्योतिष शास्त्रा द्वारा इसे किस प्रकार जाने? आइये ज्योतिष की प्रामाणिक व सरल विधि...

भद्रा

भद्रा अथवा विष्टि पंचागों की एक व्यापक वस्तु है। जिस तिथि को विष्टि किरण पड़े उस दिन भद्रा होती है। यह प्राय: प्रत्येक द्वितीया, तृतीया, सप्तमी, अष्टïमी और द्वादशी व त्रयोदशी को लगी रहती है। मुहर्त चिन्तामणि की पीयूष...

नक्षत्र और वर-वधू का चयन

विवाह द्वारा दो भिन्न व्यक्तित्व एक सूत्र में बंधते हैं, जिन्हें जीवन भर एक-दूसरे के पूरक के रूप में साथ निभाना पड़ता है। पति-पत्नी जीवन रूपी रथ के दो पाहिए हैं। यदि इनमें से एक पहिए के गुण दूसरे पहिए के गुणों से भिन्न...

जीवन शैली

वास्तु शास्त्र

वास्तु विज्ञान : सुखमय जीवन हेतु

यह समस्त विश्व पृथ्वी, जल, तेज, वायु और आकाश इन पांच महातत्वों से निर्मित है। ये पंच महातत्व प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सजीव और निर्जीव पदार्थों को प्रभावित करते हैं। इन तत्वों का अन्य ग्रहों की अपेक्षा पृथ्वी पर अधिक...

कैसे हो ऋण मुक्ति

रूखा भोजन कर्ज सिर और बड़ का बोली नार। देते हैं मनुष्य को मार। क्योंकि ये सब पूर्व जन्म के पापों का पुरस्कार है। वास्तव में ऋण में फंसना अति सुगम है किन्तु निकलना अति दुर्गम इसलिए एक लोक कहावत है- कि ऋण में जो फंसता है...

वास्तुपुरुष मण्डल और उसपर उपस्थित देवतागण

ग्रंथों में वास्तुपुरुष के शरीर पर स्थित पैंतालीस देवता तथा उसके अतिरिक्त पद से बाहर स्थित देवताओं के बारे में बताया है। जैसा कि हम जानते हैं कि देवता शब्द संस्कृत की दिव् धातु से बना है। दिव् का अर्थ है प्रकाश या...

रमल ज्योतिष

राशिफल 2021, वार्षिक राशिफल 2021 – आचार्य अनुपम जौली

राशिफल 2021 आपके प्रेम, स्वास्थ्य, विवाह, करियर, धन और परिवार के लिए क्या लेकर आने वाला है। यह जानने के लिए हिंदी में पढ़ें अपना वार्षिक राशिफल 2021 आचार्य अनुपम जौली के साथ l मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)...

रमल ज्योतिष में चोरी सम्बन्धी प्रश्न का हल

रमल ज्योतिष में प्रश्नों के चमत्कारिक और सटीक फलादेश दिया जाता हैl व्यावहारिक वैदिक ज्योतिष में आठवां भाव चोरी का होता है जिसके द्वारा एक ज्योतिषी कुछ बता पाता है l रमल ज्योतिष विज्ञान में चोरी सम्बन्धी प्रश्नों के भी...

Follow us

Don't be shy, get in touch. We love meeting interesting people and making new friends.

error: Content is protected !!