Category - Vastu ke Totke

वास्तु विज्ञान : सुखमय जीवन हेतु

यह समस्त विश्व पृथ्वी, जल, तेज, वायु और आकाश इन पांच महातत्वों से निर्मित है। ये पंच महातत्व प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सजीव और निर्जीव पदार्थों को प्रभावित करते हैं। इन तत्वों का अन्य ग्रहों की अपेक्षा पृथ्वी पर अधिक...

कैसे हो ऋण मुक्ति

रूखा भोजन कर्ज सिर और बड़ का बोली नार। देते हैं मनुष्य को मार। क्योंकि ये सब पूर्व जन्म के पापों का पुरस्कार है। वास्तव में ऋण में फंसना अति सुगम है किन्तु निकलना अति दुर्गम इसलिए एक लोक कहावत है- कि ऋण में जो फंसता है...

वृक्ष का वास्तु में महत्व

आचार्य वराहमिहिर के अनुसार – ‘‘ प्रान्तच्छायाविनिर्मुक्ता न मनोज्ञा जलाशया:। यस्मादतो जलप्रान्तेष्वारामान- विनिवेरोयेत।।’’ अर्थात- वृक्ष, लता, गुल्म आदि के बिना नवन, जलाशय, बावड़ी, तालाब आदि शोभित नहीं होते है...

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