ज्योतिष में पंचम भाव

Fifth House in Astrology

कारक
बृहस्पति संतान, शिक्षा, ज्ञान, देवता, राज्य की सजावट
बुध बुद्धि, अनुपार्जित धन, शेयर, लॉटरी
लक्षण
स्थूल संतानें
सूक्ष्म बुद्धि

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(अ) पूर्वपुण्य का भाव।

रिश्तों का सूचक-

दादा, सबसे बड़ी संतान, बड़े साला या बड़ी साली।

शरीर के अंग-

दाईं गुहा/निलय, यकृत, प्लीहा, पेट, हृदय, पित्ताशय, आंत।

द्रक्कन कुण्डली के अनुसार-

(अ) दायां गाल,
(ब) दाईं गुहा व अलिन्द (हृदय का),
(स) दायां घुटना।पुत्रभाव, पितृ, पूर्व पुण्य।

आचार्य अनुपम जौली से सलाह लें

    5th House in Astrology

    तनभावका प्रतीक –

    पिता, संतान, यश, स्थिति, प्रतिष्ठा, आकसि्मक धन, ज्ञान, बुद्धि, दिमाग, बौद्धिक क्षमता, जुआरी प्रवृति, स्मृति, सट्टा, आगामी जीवन का ज्ञान, पत्नी या माता- पिता का भाग्य, चोंचलेबाजी व प्रेम संबंधी मामले, मनबहलाव, तरोताजा होने के लिए मनोरंजन, मनोरंजन जिनमें यौन क्रियाएं भी शामिल हों, पत्नी को लाभ, त्योहार के अवसर, धार्मिक मानसिकता, भक्ति, अच्छी नैतिकता, भावनाएं, रोमांचक, पहली संकल्पना, दूरदर्शिता, साधना, भोग/विषय सुख, समाज, क्रासवर्ड पजल (पहेली), संगीत, नृत्य, ओपेरा (संगीत – नाटक), खेल, नाटक, शेयर- बाजार, शेयर, ताश, लॉटरी, शर्त लगाना, खेल – कूद, घुड़दौड़, जुआ, प्रकाशन, सरकारी विज्ञापन, मंत्रालयी सेवा, अनैतिकता, देवता, कोर्ट शिप, ब्लात्कार, अपहरण।

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