ज्योतिष में प्रथम भाव

कारक
सूर्यस्वास्थ्य, शक्ति, दीर्घायु
चंद्रमाशरीर
मंगलकपाल/सिर
लक्षण
स्थूलभौतिक शरीर
सूक्ष्म
स्वास्थ्य, संरचना।

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First House in Astrology

(अ) बुध व बृहस्पति को दिशात्मक/संचालन शक्ति प्रदान करता है।
(ब) स्वयं का भाव (तीसरे, दसवें, ग्यारहवें भाव सहित)

रिश्तों का सूचक – नाना, दादी।
शरीर के अंग – चेहरे का ऊपरी भाग, सिर, बाल, गर्दन, त्वचा, श्रोणि।

द्रक्कन कुण्डली के अनुसार –

(अ) सिर,
(ब) गर्दन,
(स) श्रोणि।

आचार्य अनुपम जौली से सलाह लें

    1st House in Astrology

    तनभावका प्रतीक –

    खुशहाली, समृद्धि, स्वरूप, प्रकृति, चरित्र, व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, स्व, दीर्घायु, कद, स्वभाव, मिजाज, प्राण व ताकत, बचपन, भौतिक शरीर, प्रयासों में सफलता या असफलता, ख्याति (सूर्य व दसवां भाव), सामान्य हालचाल पूछने वाला व्यक्ति, जीवन का प्रारम्भ, वातावरण।

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