जाने भविष्य और बीमारी, नाखूनों से

भारतीय सामुद्रिक शास्त्र में शरीर लक्षण और शारीरिक बनावट के आधार पर व्यक्ति का व्यक्तित्व और भविष्य कथन करने की परम्परा सदियों से चलती आ रही हैं। मनुष्य के सौन्दर्य में नाखूनों का विशेष योगदान है तथा नाखूनों के द्वारा व्यक्ति के जीवन के बारें में भी जाना जा सकता है।

लम्बे नाखून उतनी शारीरिक शक्ति के प्रतीक नहीं होते जितने छोटे लेकिन चौड़े नाखून होते हैं। जिन व्यक्तियों के नाखून बहुत लम्बे होते हैं उनको सदा छाती और फेफड़े के रोग होते हैं। जिन लोगों को बादी का दर्द, गठिया रोग होता है उनके नाखूनों पर धारियाँ सी होती हैं। ऐसा लगता है मानों नाखूनों के स्थान पर गन्ने का छिलका उग आया है।

यदि किसी को नाखून चबाने की आदत हो तो समझना चाहिये कि स्त्री या पुरुष नरवस (उदास) स्वभाव का है। उसका आई. क्यू. बहुत साधारण है। साधारण सी बात वह चिंतित हो जाता है।

गरुड़ पुराण में लिखा है कि जिनके नाखून पीलापन लिए हुए और शीघ्र टूटने वाले हों, वे व्यक्ति नपुंसक या कामशीतल होते हैं। जिनके नाखून टेढ़े और रेखा युक्त हों वे गरीब होते हैं। जिनके नाखूनों पर धब्बे हों और देखने में अच्छे नही हों वे दूसरों की सेवा करके अपना उदर पालन करते है।

सामुद्र तिलक के अनुसार कछुये की पीठ की तरह कुछ ऊँचाई लिए हुए, मूँगे की तरह लाल, चिकने और चमकदार नाखून शुभ होते हैं। ऐसा जातक उच्च पद प्राप्त करता है। यदि नाखून बहुत बड़े हों, टेढ़े या रूखे हो, अँगुली की त्वचा में धँसे हों और उनमें तेज न हो, कांतिरहित हों तो ऐसे व्यक्ति सुखी नहीं होते। जिनके नाखूनों पर सफेद बिन्दुओं के चिह्न हों उनका आचरण ठीक नही होता। वे पराधीन होकर जीवन व्यतित करते हैं।

जिनका नख त्रिभुजाकार होता है, उनका गला खराब रहता है। यदि कनिष्ठा अँगुली पर काल धब्बा (नाखून पर) हो तो ऐसे जातक को ऑपरेशन से खतरा रहता है। यदि अँगुठे के नाखून पर काला धब्बा हो तो ऐसा व्यक्ति पे्रम में अंधा होता है। यदि उसकी प्रेमिका उससे बेवफाई करें या किसी कारणवश यह पे्रम में निराश हो जाय तो अपने प्रिय पात्र पर भी हमला कर सकता है।

यदि नाखूनों की चौड़ाई लम्बाई से अधिक हो तो जातक अत्यंत कलहप्रिय होता है। वह बात-बात पर झगड़ा करने को उतारू हो जाता है। उसको दूसरों के कार्यों या मामलों में हस्तक्षेप करने की आदत होती है।

यदि नाखून के बीच में कोई आड़ी रेखा पाई जाय तो समझना चाहिए कि रोग करीब तीन माह पूर्व हुआ था। खत्म होने पर अभी लगभग 3 माह और लगेंगे।

आत्महत्या के सफल और असफल प्रयास करने वालों के नाखूनों पर प्राय: क्रास या सितारे जैसे चिन्ह उभरते और मिटते रहते हैं। नाखूनों के कोने पर यदि हल्के पीले या नीले बिन्दु हों तो वे दुर्घटना से भय बताते हैं। चमकीले और गुलाबी नाखून वाला व्यक्ति सूर्य भक्त होता है। वह कई बार मृत्यु के मुख से बचता है। अंत में शान्ति से स्वर्ग सिधारता है।

यदि मध्यमा अँगुली के नख पर सफेद बिन्दु हों तो जातक जल-पर्यटन करता है। यदि ये बिन्दु पीलापन लिये हुए हों तो स्त्री या भाई की हानि बताते हैं। उस स्थिति में पीलापन के साथ-साथ कुछ ऊँचे उठे हुए भी होते हैं।

जिन लोगों के नाखूनों लम्बे होते हैं उनको प्राय: शरीर के ऊपरी के रोग होते हैं, जैसे छाती, फेफड़े और सिर के रोग। छोटे नाखून वाले उन रोगों से जल्दी पीडि़त होते हैं जो कमर या कमर के नीचे हों, जैसे-घुटनों का दर्द, बवासीर आदि। सफेद रंग के नाखून वैराग्य भाव पैदा करते हैं।

Acharya Anupam Jolly

आचार्य अनुपम जौली, यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है और अब आचार्य जी ने रमल शास्त्र पर अपनी कुछ अत्यंत विशिष्ट खोज करके यह साबित कर दिया कि कालांतर में विलुप्त हो चुकी हमारी अद्भुत एवं दिव्य ज्ञानवर्धक विद्यायें हमारे लिए बेहद लाभदायक थीं। जिन्हें अल्पज्ञान के चलते आप और हम नजऱ अन्दाज कर बैठे हैं।

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