Lal Kitab Mangal

मंगल ग्रह के लाल किताब उपाय

Lal Kitab Remedies for Mars

हम सभी जानते है की कुंडली में कुल बारह भाव होते है l आप अपनी कुंडली में खुद ही देख सकते है की किस भाव में कौन सा ग्रह ख़राब है , और उसका उपाय कैसे करें l प्रस्तुत लेख में मंगल ग्रह के बारह भावों के लालकिताब उपाय दिए जा रहे है, यदि उस भाव में दशा अन्तर्दशा में मंगल के दुष्परिणाम दिखाई दे रहे हो तो आप निम्न उपाय कर सकते है और उसके अच्छे परिणामों में हमें परहेज रखना होगा l

पहले घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में पहले खाने में मंगल पड़ा है तो इसकी वजह से आप अंदर-बाहर एक जैसे, संतान सुख से युक्त, और प्रसन्न रहेंगे। आप विद्वान, शूरवीर, एवं साहसी है। आप बुरे के साथ भी नेकी करेंगे। आप नेकी छोड़ने से कलंकी बन जाएंगे। आप परिवार के भाग्य को जगाने वाले हैं। आप साधू-सन्यासी की सेवा करेंगे। 18 वर्ष के बाद सरकारी सेवा में या सलाहकार के कामों में रुचि लेंगे। शत्रु से आप बचते रहेंगे। आप अगर नौकरी करते हैं तो 35-40 वर्ष की आयु तक ही नौकरी करेंगे। राज्य सरकार से लाभ मिलेगा। आप पलट कर आक्रमण करने वाले हैं। आपको छोटे बहन-भाई का सुख मिलेगा। आप 28 साल के बाद जीवन में उन्नति करेंगे। आप किसी की सच्चाई या नेकी को सदा याद रखेंगे। आपके उच्च पदाधिकारियों से अच्छे संबंध रहेंगे। लोहा, लकड़ी तथा मकान के कामों में लाभ पाएंगे। परिवार के लोगों के साथ मिल कर काम करें तो बहुत अच्छा रहेगा। आपके मुंह से निकली बुरी बात का दूसरों पर बुरा असर होगा। आपका आर्शीवाद लोगों को फलेगा।

यदि आपने मुफ्त माल या दान लिया, जूठन खाया और झूठ बोला, माता को कष्ट दिया या माता का विरोध किया, अपशब्द बोलने की आदत हो तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से शारीरिक कष्ट की आशंका है। मुफ्त की चीजें नहीं फलेंगी। आलस्य से कई बार आप अपने बने-बनाये काम बिगाड़ सकते हैं। मानसिक रोग या तनाव हो सकता है। दुर्घटना का भय है, अतः वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। आपकी माता को आप्रेशन का भय है। भाई को परेशानी या आपको बहन के सुख का अभाव रहेगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. मुफ्त का माल या दान न लेवें।
  2. हाथी दांत घर में न रखें।

उपाय:

  1. बड़ा भाई जीवित हो तो लाल रुमाल रखें।
  2. भाई और साले की सेवा करें।

दुसरे घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल दूसरे खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आप दयालु, रक्षक, भाई और मित्रों के पालनहार, आप दूसरों की जरूरत हमेशा पूरी करेंगे। आप किसी संस्था के प्रधान भी हो सकते हैं। आप बहुत लोगों को सहारा देने वाले होंगे। आप दूसरों को खाली हाथ नहीं लौटाएंगे। आपको ससुराल से सहायता मिलेगी। आप छोटे भाई से पुत्र जैसा प्यार करेंगे और उसे सहायता देंगे। छोटे भाई की सहायता से आपके भाग्य में वृद्धि होगी। आप दूसरों की सहायता करते रहेंगे। इस वजह से आप भी भरपूर रहेंगे। आपको दूसरों की भलाई के लिए धन-संपत्ति मिलती रहेगी। आप दूसरों के लिए लंगर लगाएंगे। आप नेक और पक्के इरादे के हैं। आप परिश्रम से धनी होंगे। आपको खुराक, पोशाक तथा अन्य जीवन के सुख प्राप्त होंगे। जरूरत पड़ने पर खुद ब खुद पैसे मिल जाएंगे। आपको भगवान की कृपा से बहुत धन मिलेगा। आप अधिकारी बन कर हुकूमत करेंगे। आप तीर्थ यात्रा करने से शुभ फल को प्राप्त करेंगे। शादी के बाद आपकी दौलत में बढ़ोत्तरी होगी। ससुराल पक्ष से सुखी रहेंगे।

यदि आपने दूसरों के धन-स्त्री पर बुरी नजर रखी, बुरी आदतों के शिकार हुए या छल-कपट करके भाई-बंधुओं, मित्रों के साथ ठगी की तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से अगर विद्या में रुकावट, जरूरत पड़ने पर आपको धन मिलता रहेगा। नौकरी-व्यापार में बार-बार हानि हो सकती है। 28 वर्ष से पहले बड़े भाई को शरीर कष्ट संतान की चिंता, धन हानि होगी। यदि आपका बड़ा भाई है तो उसका सुख आपको नहीं मिलेगा या वह आपसे हालत में कमजोर होगा या आप और आपका भाई निःसंतान भी हो सकते हैं।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. लड़ाई-झगड़े से दूर रहें।
  2. मेहमानों की सेवा से मुंह न फेरें।

उपाय:

  1. बच्चों को दोपहर के समय गुड़-गेहूं बांटें।
  2. नाश्ते में मीठा भोजन करें।

तीसरे घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली के तीसरे खाने में मंगल पड़ा है। इसकी वजह से लाल किताब के अनुसार मंगल तीसरे खाने में हो तो व्यक्ति मांगलिक होता है। अतः आप मंगलीक पुरुष हैं। इस वजह से आप अपने लिए ख्याली पुलाव पकाएंगे और सब्ज बाग देखेंगे। दूसरों की सहायता करेंगे, नर्म स्वभाव रहेंगे। चक्रव्यूह भेदन की कला में चतुर होंगे। आपको ससुराल पक्ष से सहायता मिलेगी। आपको परिवार से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। आप अपनी शारीरिक और मानसिक योग्यता के द्वारा जाने जायेंगे तथा आपको योग्यता प्रदर्शन करने का अच्छा मौका मिलेगा। आपको भाई-बहन का सुख मिलेगा। आपके दोस्त हमेशा मदद करेंगे। आपका विवाह अच्छे घर में होगा। माता-पिता का पूरा सुख मिलेगा।

यदि आपने परस्त्री से अनैतिक संबंध रखे, अकड़ा हुआ मिजाज रखा अधिक गुस्सा करने की आदत रखी, मांस-मदिरा के सेवन करने की आदत हुई, अय्याशी की तरफ आपका झुकाव रहा तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आप अपने जीवन में चालबाजी और धोखेबाजी से काम निकालेंगे और आप बेकार की फोकी उम्मीदें भी रखेंगे। आपकी बर्बादी का कारण आपकी अय्याशी हो सकती है। आप पर कर्ज का बोझ भी चढ़ सकता है। आपके घर में अचानक किसी की मौत भी हो सकती है। आपकी संतान की हालत मंदी हो सकती है। आपकी पत्नी को मृत बच्चा पैदा हो या गर्भपात भी हो सकता है। घर में चोरी और नुकसान से होशियार रहें। आपके चाचा या भाई औलाद से दुःखी हो सकते हैं। आपके भाई-बन्धु, मित्र आपके विनाश का कारण बनेंगे। लड़ाई-झगड़े से दूर रहें। लड़ाई-झगड़ा आपकी मौत का कारण बन सकता है। आपकी नेकी कोई भी याद नहीं रखेगा। खून खराब या पेट में रोग हो ऐसी आशंका है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. हाथी दांत न रखें।
  2. दक्षिण दिशा के मुख्य द्वार वाले घर में रिहाईश न करें।

उपाय:

  1. चांदी की बेजोड़ अंगूठी बायें हाथ में पहनें।
  2. चांदी के बेजोड़ कड़े में तांबे की कील लगा कर दायें हाथ में पहनें।

चौथे घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल चौथे खाने में है। इसकी वजह से लाल किताब के अनुसार चौथे खाने में मंगल हो तो व्यक्ति मंगलीक होता है। अतः आप मंगलीक हैं। आप दूसरों को नसीहत देने वाले हैं। दूसरे की शरारत का जबाब देने के लिए आप हिम्मत अधिक रखते हैं। आप अपने परिवार के सदस्यों की मदद करेंगे, आप किसी का बुरा नहीं करेंगे। आपको स्त्री और संतान का सुख मिले सुख बाधा की आशंका है। सुख के साधन रहने पर भी उत्तम सुख नहीं मिलेंगे। आपका अपना भवन एवं वाहन होगा। आपके मन में अचानक उत्तेजना बनी रहती है। स्त्री/माता का सुख साधारण रहेगा।

यदि आपकी दक्षिण दिशा के मुख्य द्वार वाले घर में रिहाईश हुई, ढेक का वृक्ष घर में लगा हुआ हो, अतिकामी हुए, पत्नी से झगड़ा किया, परस्त्री से अनैतिक संबंध रखे, किसी की संतान पर बुरी नजर रखी तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आपके मन में बगावत आ जाए तो आप समुद्र में भी आग लगा सकते हैं। ननिहाल और ससुराल में खराबी हो स़कती है। आप दुर्घटना से सचेत रहें। खानदानी घर से बाहर, दूसरे घर में रहना लाभदायक होगा। अगर आपके 32 दांत होंगे तो आप जिसको भी बददुआ देंगे तो उसका बुरा हो जायेगा। आपका मंगल माता, सास, पत्नी की मृत्यु का कारण बनाता है। माता-स्त्री की दुर्घटना का भय है। साधारण व्यक्ति भी आप से शत्रुता करेगा। संतान प्राप्ति में कुछ बाधा हो ऐसी आशंका है। आपका वैवाहिक जीवन कष्टमयी या संतान सुख में विघ्न या संतान गोद लेनी भी पड़ सकती है। स्त्री के स्तन या गर्भाशय के आप्रेशन की आशंका है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. काले-काने, गंजे, अंगहीन व्यक्ति से संबंध न रखें।
  2. निःसंतान व्यक्ति से दूर रहें।

उपाय:

  1. हाथी दांत पास रखें।
  2. माता, साधू, बंदर की सेवा करें।
  3. दांतों को सुबह उठते ही पानी से साफ करें।

पांचवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल पांचवें खाने में बैठा है। इसकी वजह से आप शांत स्वभाव के हैं। आपको अपने जन्मस्थान से दूर निवास करना पड़ सकता है आप बहुत यात्रा करेंगे। आपको धन-संपदा मिलेगी। पत्नी एवं संतान सुख प्राप्त होगा। आपकी औलाद अच्छी और सुखी रहेगी। आपका बेटा तथा पोता भी धनवान होगा। आप धनवान संतान के पिता होंगे। आपकी उम्र ज्यों-ज्यों बढ़ेगी आप अमीर होते चले जाएंगे। आप या आपके खानदान में कोई हकीम या डॉक्टर हो सकता है। आपके बुजुर्गों की माली हालत अच्छी होगी। प्रत्येक वर्ष जन्मदिन के बाद से उन्नति और तरक्की होती चली जाएगी। आप अपने भाई या बाप-दादे की हैसियत से ऊंचे दर्जे के व्यक्ति होंगे। आपकी पुत्र प्राप्ति के बाद भाग्योन्नति होगी। आपके भाग्य के संबंध में अच्छा असर होने की उम्मीद है।

यदि आपका चाल-चलन खराब हुआ, आपने परिवार के लोगों से बिना कारण दुश्मनी रखी, सट्टा-जुआ आदि खेला, संतान या पत्नी से झगड़ा किया तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आपकी विद्या अधूरी, पेट में खराबी, कानों की तकलीफ, घुटने या पैरों में किसी प्रकार का कष्ट या जोड़ों का दर्द हो सकता है। संतान प्राप्ति या संतान सुख में बाधा की आशंका है। स्त्री को अठराह की बीमारी जो संतानोत्पत्ति में विघ्न कारक होती है, हो सकती है। सट्टा-जुआ आदि में हानि का योग है। पुत्र से क्लेश, परिवार में किसी को दमा या मिरगी का भय रहेगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. परस्त्री से अनैतिक संबंध न रखें।
  2. शराब-बीयर न पियें, मछली न खायें।

उपाय:

  1. घर में नीम का पेड़ जमीन या गमले में लगावें।
  2. रात को लोटे में पानी भरकर सिरहाने रख कर सुबह किसी पौधे या बाग-बगीचे में डालें।

छठे घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल छठे खाने में पड़ा है। जिसकी वजह से आपका जन्म बड़ी मिन्नतें-मन्नतें मांग कर हुआ होगा या आपके संतान देरी से पैदा होगी या बुढ़ापे में औलाद का सुख मिलेगा। आप मान-सम्मान प्राप्त करेंगे। अच्छे उच्चाधिकारी होंगे। आपके भाग्य की रक्षा होगी। आप साधू-सन्यासी विचार के प्राणी हैं। आप धर्मवीर और ईश्वर पर विश्वास रखने वाले व्यक्ति होंगे। आपको दूसरों से दोस्ती करना, पढ़ाई-लिखाई का काम करना, राग विद्या या अपने भाषण, प्रवचन से धन कमाना शुभ रहेगा। आपकी लेखन कला जानदार होगी। आपकी भाग्योन्नति होगी। आपकी औलाद पर किसी प्रकार का बुरा असर नहीं पड़ेगा। आप अपनी कमाई का हिस्सा छोटे भाइयों को दें तो अच्छा रहेगा। आपके दुश्मन कम होंगे या दुश्मन आप से दबे रहेंगे, ऐसी उम्मीद है। आप स्वस्थ्य और प्रसन्न रहेंगे। विवाह के बाद तरक्की होगी। साहुकारी लाभ देगा।

यदि आपने भाई से शत्रुता रखी, मंदे राग गाने को शौक रखा, पशुओं से संबंधित काम किया, परिवार में भाइयों में दूसरा नंबर हुआ तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आपके भाई का नुकसान होने की आशंका है। आप शारीरिक दृष्टि से कमजोर होंगे। आपको अचानक हानि भी उठानी पड़ सकती है। संतान का सुख कम ही मिलेगा या बच्चा गोद लेना पड़ सकता है। आपकी मनोदशा दूषित रहेगी। आप खुद दुःख झेलेंगे परंतु दूसरे को तकलीफ नहीं देंगे। आपकी भाई से शत्रुता आपको हानि देगी। आपके भाई की माली हालात कमजोर होगी। आपको माता का सुख कम मिलने की शंका है। पशुओं से संबंधित व्यापार से हानि होगी। आपको सरकारी  विभाग द्वारा परेशानी हो सकती है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. भाई से झगड़ा न करें।
  2. खुशी के समय मीठा न बांटें, यदि मीठा बांटना हो तो साथ में नमक जरुर बांटें।

उपाय:

  1. 9 मन (360 किलो) गेहूं हर समय घर में रखें।
  2. भैंसे को चारा खिलायें या मजदूर पेशा आदमी की सेवा करें।

सातवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल सातवें पड़ा है। इसकी वजह से आप शाही जीवन बिताएंगे, आपको भाई से लाभ मिलेगा। आपकी संतान की वृद्धि होगी। हर प्रकार का सुख प्राप्त होगा। परिजनों से सहायता मिलेगी। पत्नी का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। आप धर्मात्मा, नेकनामी और वक्त मुसीबत में रोते को सहारा देने वाले होंगे। रोते हुए को हंसाना आप में एक विशेष गुण होगा। आप इन्साफ पसंद आदमी होंगे। ज्योतिष विद्या में रुचि रहेगी। आपकी सरकारी विभाग में नौकरी हुई तो आपका रुतबा बढ़ेगा। आप विदेश की यात्रा करेंगे। पार्टनरशिप का धंधा भी ठीक रहेगा। आप जो भी चाहेंगे, एक बार अवश्य ही मिलेगा। मगर बार-बार मिलने की उम्मीद नहीं है। आप विष्णु भागवान की तरह खानदान की परवरिश करते रहेंगे। आपको जज या सरपंच या ऐसा अधिकार प्राप्त होगा जिसमें सच्चाई ढूंढना और इंसाफ करना होता है।

यदि आपने लोगों से झगड़ा-फसाद किया, परस्त्री से अनैतिक संबंध रखे, बेटी पैदा होने के बाद आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आप अपने साथ विधवा बहन-बुआ या साली को पास नहीं रखें जीवन का फल अशुभ होगा। एक से अधिक या कई औरतों से आपका संबंध रहेगा। परस्त्री के संबंध से आपकी आयु अल्प हो सकती है। आपको रक्त संबंधी दोष हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चाल-चलन ठीक रखें।
  2. घर में बेलदार पौधे न लगावें।

उपाय:

  1. बहन-बेटी को मीठा या मिठाई देवें।
  2. भतीजा-भतीजी की सेवा करें।

आठवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल आठवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से लाल किताब के अनुसार आठवें खाने में मंगल हो तो व्यक्ति मंगलीक होता है। आप मांगलिक पुरुष हैं। आपको माता-पिता का पूरा सहारा मिलेगा। आपको गृहस्थी का पूरा सुख मिलेगा। आपका हौसला बुलंद रहेगा। आप लौह पुरुष होंगे। आप नतीजा सोचे-समझे बिना, हिम्मत के साथ कष्टों का मुकाबला करेंगे। आप अपने काम-काज में मन लगा कर काम करने के आदी होंगे। आप इंसाफ पाने के लिए लड़ने को तैयार रहेंगे। आपके जीवन की रक्षा होती रहेगी। आप जीवन में बाधाओं को हंस कर सह लेंगे। ससुराल से संपत्ति का लाभ होगा। शत्रुओं पर जीत हासिल करेंगे या शत्रु भय से सामने न आयेगा।

यदि आपने विधवा स्त्री के साथ झगड़ा करके उसकी बददुआ ली, घर में जमीन के अंदर रहने वाली तंदूर-भट्टी हुई, लोगों से बिना कारण झगड़ा-फसाद किया, चाकू-छुरी हर समय अपने पास रखी तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारणवश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आपके छोटे भाई के लिए बेहद बुरा एवं भाई के कारण, लड़ाई-झगड़े होंगे। आपका भाई आपका बेड़ा गर्क कर सकता है। अचानक दुर्घटना से रक्त विकार हो सकता है या नाखून के दोष की आशंका है। किसी आदमी पर बेवजह गुस्सा करना, पछतावा का कारण बन सकता है। आप गुस्सा करके नुकसान भी उठा सकते हैं। आप पर कोई आक्रमण हो इस बात की आशंका है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. घर के अंदर जमीन में तंदूर/भट्टी न रखें।
  2. तोता या मैना न पालें।

उपाय:

  1. विधवा स्त्री का आर्शीवाद लेवें।
  2. तंदूर में मीठी रोटी लगा कर कुत्तों को खिलावें।

नौवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में नौवें खाने में मंगल पड़ा है। इसकी वजह से आप बड़े ही भाग्यशाली हैं। आपको पैतृक संपत्ति का लाभ मिलेगा। आपकी 13-14 वर्ष की आयु में आपके पिता को बहुत बड़ा लाभ होगा। 28वें वर्ष की आयु में आप पूर्ण भाग्यशाली होंगे। आप एक योग्य प्रशासक होंगे। आपको धन कमाने के बहुत अच्छे अवसर मिलेंगे या अच्छी नौकरी या अच्छे व्यवसाय से धन इकट्ठा होगा। आपको भाई के साथ रहना शुभ होगा। आपको भाई की पत्नी से लाभ होगा। बड़े भाई के साथ व्यवसाय करने से लाभ होगा। आपको होटल, मिठाई आदि के व्यवसाय से बहुत लाभ हो सकता है। आपको पैसे के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा। माता की सेहत अच्छी रहेगी और उसका सुख भी प्राप्त होगा। आपको पैतृक संपत्ति मिलेगी। आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आप सत्ता पक्ष से लाभ प्राप्त करेंगे। आपको धर्म-कर्म करते रहने से अच्छा फल मिलेगा। धर्म करने से तथा घर में उत्सव मनाने से भाग्य में वृद्धि होगी।

यदि आपने पिता से झगड़ा किया या पिता का विरोध किया, धर्म के खिलाफ काम किया, समाज विरोधी काम किया, भाई और भाई की पत्नी से झगड़ा किया तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आप कभी-कभी नास्तिकवाद की वकालत करेंगे। आप पर कोई बड़ा कलंक भी लग सकता है। आपके धर्म के विरुद्ध आचरण करने से बदनामी हो सकती है। अगर आप परदेश में रहेंगे तो दुःखी रहेंगे। आपकी कितनी भी ताकत हो, चाहे आपके पास बॉस का दर्जा हो आपको अपने से छोटे लोगों से मांग कर खाना पड़ेगा अर्थात् शेर को गीदड़ से मांग कर खाना पड़ेगा, ऐसी कहावत आप पर चरितार्थ होगी। सभा  समाज में आपको अपनी गलतियों द्वारा तिरस्कृत होना पड़ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. परदेश में रिहाइश न करें।
  2. भाई से झगड़ा न करें।

उपाय:

  1. भाई की पत्नी की सेवा करें।
  2. लाल रंग का रुमाल पास रखें।

दसवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल दसवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आपका संतान पक्ष निर्बल रहेगा। 45 वर्ष की आयु तक संतान सुख के लिए समय मध्यम रहेगा। आपकी कमांडिंग बरकरार होगी। अगर आप सरकारी सेवा में रत होते हैं तो सेना या पुलिस में उच्च पद मिलेगा। आप एक जाने-माने समाज सेवक होंगे। आप अवश्य ही धनवान होंगे। आप अच्छे या बुरे तरीके से भी धन कमा कर बड़ी जायदाद के मालिक बनेंगे। 32 वर्ष से 64 वर्ष आयु तक खूब धन का आगमन होगा। आप राज सुख से युक्त रह कर शाही जीवन बिताएंगे। आप पोते-पड़पोते का सुख भोगेंगे। आपके जन्म के बाद आपके पिता की माली हालत अच्छी होने की उम्मीद है। आप अपनी जायदाद बनाएंगे और आप कई मकान के मालिक होंगे। अपनी मेहनत से दौलत पैदा करेंगे। आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। गृहस्थ जीवन आराम से गुजरेगा। आप में पूरी दिलेरी रहेगी और आपका हौसला बुलंद रहेगा। आपके यहां कई मांगलिक कार्य होंगे। मिला-जुला कर आपका जीवन बहुत सुखी रहेगा।

यदि आपने पुलिस सेना विभाग से झगड़ा किया, समाज विरोधी कार्य किये, परिवार के लोगों के साथ झगड़ा किया, नमक या नमकीन चीजों का अधिक प्रयोग किया तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से 22वां वर्ष खुद के लिए कष्टकारक होगा। आप खानदान को तोड़ने वाले होंगे। आप सोना बेचेंगे तो इसका बुरा असर औलाद पर पडे़गा। आपकी बदनामी हो सकती है। चोरी का लांछन भी लग सकता हैं कभी जेल भी जाना पड़े, ऐसी आशंका है या आपको जेल विभाग में नौकरी करनी पड़ सकती है। ननिहाल में रहना आपको मंदा फल देगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. सोना न बेचें।
  2. दूध उबल कर गैस चूल्हे/चूल्हे या अंगीठी पर न गिरे, न जले।

उपाय:

  1. हिरण की पालना करें।
  2. काने-काने, गंजे व्यक्ति की सेवा करें।

ग्यारवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल ग्यारहवें खाने में पड़ा है तो इसकी वजह से आप न्यायप्रिय, साहसी, पशुपालक, व्यापारी होंगे। आपका स्वास्थ्य उम्दा रहेगा। अपनी किस्मत स्वयं बनाने वाले होंगे। आप अधिक लाभ प्राप्त करेंगे। आपके जीवन में आपकी 28वें वर्ष से लगातार 42वें वर्ष तक की आयु तक खूब धनागम होगा। आर्थिक दशा में राजा के समान होंगे। आपके भाग्य के कारण छोटी उम्र में ही पिता के घर धन का भंडार लग जायेगा। आपका व्यवसाय या नौकरी ऊंचे दरजे की होगी। आपको पुत्र-पौत्र का सुख मिलेगा। आपके जीवन में बुरा असर कम पड़ेगा। कई प्रकार से आमदनी का स्रोत होगा। अपनी कमाई से भूमि-भवन प्राप्त करेंगे। आपको शत्रुओं को दबा कर रखना पड़ेगा। आपको सुख-सुविधाओं की कमी नहीं रहेगी। फकीरी वेश-भूषा में रह कर भी आपकी आध्यात्मिक शक्ति अच्छी होगी।

यदि आपने माता-पिता, संबंधियों से झगड़ा किया, भाई-बन्धुओं से जमीन जायदाद के लिये मुकद्दमा किया, किसी से काम करवा कर उसका मेहनताना नहीं दिया तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से भाई-बंधुओं से जमीन-जायदाद, धन संबंधी झगड़े का भय रहेगा। अगर आपका चाल-चलन ठीक न रहे तो आमदनी होते हुये भी कर्जदार होंगे, संपत्ति बर्बाद होगी। आपके बच्चे झगड़ालू होंगे या परिवार में बच्चा गोद भी लेना पड़ सकता है। उसके आगे के जीवन में कुछ भी बुराइयां नहीं रहेंगी।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. भाई-बंधुओं पर भरोसा न करें।
  2. कुत्ते को चोट न मारें।

उपाय:

  1. जीजे-साले-भांजे या दोहते की सेवा करें।
  2. मिट्टी के बर्तन में शहद या सिंदूर भर कर घर में रखें।

बारहवें घर या खाने का मंगल ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बारहवे खाने में मंगल पड़ा है तो इसकी वजह से मंगल का अच्छा फल मिलेगा। आपकी आवाज बुलंद रहेगी। वैसे आप पत्नी, धन-संपत्ति से सुखी रहेंगे। पुत्र के जन्म के बाद आपका भाग्योदय होगा। शत्रु आप से बहुत भयभीत रहेंगे। 24 वर्ष आयु में पुत्र सुख प्राप्त होगा। आपका स्वभाव गर्म रहेगा। आप अपनी मनमर्जी से चलेंगे। आप गरीब से धनवान हो जाएंगे। मुसीबतें टल जाएगी। बीमारी से आपका बचाव होता रहेगा। आपका जन्म बहुत बड़े परिवार में होगा या आपके जन्म के बाद वह परिवार बड़ा हो जाएगा। स्त्री पक्ष से धन लाभ होगा। गुरु और ब्राह्मण की आप सेवा करेंगे। वृद्धों और निर्धनों की सहायता करना आपका स्वभाव रहेगा।

यदि आपने अपने पास हथियार रखा, सुबह उठते ही नमकीन चीजों या नमक का प्रयोग किया, परिवार के लोगों पर जुल्म किया, किसी का अहसान न माना तो आपका मंगल मंदा हो सकता है या किसी कारण वश मंगल मंदा हो गया हो तो मंगल के मंदे असर से आपके बारे में झूठी अफवाहें फैल सकती हैं। आपकी प्रकृति नीच रहेगी। पत्नी से अच्छा संबंध नहीं रहेगा या पत्नी सुख में न्यूनता आने की आशंका है। आप बुरी संगति से परेशानी में पड़ सकते हैं। अपनी बेवकूफी से अपनी नौकरी-व्यवसाय चौपट कर बैठेंगे। आपको नेत्र रोग हो सकता है। आपकी बांह पर चोट का निशान या विकलांग होने का भय है। नाड़ियों या खून का रोग हो ऐसी आश्ंाका है। आपका धन बेकार के कामों में खर्च नहीं होगा। आपको चोरी और क्षति से सावधान रहना पड़ेगा। आपका बड़ा भाई हो तो वह 28 वर्ष आयु तक जीरो हो जाएगा या आपको उससे भाईपन न रहेगा। बड़ा भाई जीवित है तो कई बार जीवन से तंग होकर आत्महत्या करने का विचार पैदा होगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. खुण्डा या जंग लगा हथियार घर पर न रखें।
  2. किसी पर भरोसा न रखें।

उपाय:

  1. हलुवा या चीनी की रोटी खावें।
  2. सुबह उठते ही शहद खावें।

Acharya Anupam Jolly

आचार्य अनुपम जौली, यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है और अब आचार्य जी ने रमल शास्त्र पर अपनी कुछ अत्यंत विशिष्ट खोज करके यह साबित कर दिया कि कालांतर में विलुप्त हो चुकी हमारी अद्भुत एवं दिव्य ज्ञानवर्धक विद्यायें हमारे लिए बेहद लाभदायक थीं। जिन्हें अल्पज्ञान के चलते आप और हम नजऱ अन्दाज कर बैठे हैं।

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