Lal Kiab Buddh

बुध ग्रह के लाल किताब उपाय

Lal Kitab Remedies for Marcury

हम सभी जानते है की कुंडली में कुल बारह भाव होते है l आप अपनी कुंडली में खुद ही देख सकते है की किस भाव में कौन सा ग्रह ख़राब है , और उसका उपाय कैसे करें l प्रस्तुत लेख में बुध ग्रह के बारह भावों के लालकिताब उपाय दिए जा रहे है, यदि उस भाव में दशा अन्तर्दशा में बुध के दुष्परिणाम दिखाई दे रहे हो तो आप निम्न उपाय कर सकते है और उसके अच्छे परिणामों में हमें परहेज रखना होगा l

पहले घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्म कुंडली के पहले खाने में बुध पड़ा है तो इसकी वजह से आपको ज्योतिष विद्या से लगाव रहेगा और आप पूर्णरूपेण इस विषय के ज्ञाता भी होंगे। आपका संबंध व्यवसाय, व्यापार से रहेगा। शिल्पकला, दस्तकारी से भी लगाव रहेगा। आपकी बुद्धि भी तेज होगी। आप द्विस्वभावात्मक प्राणी हैं। आप पर दूसरों का असर तेजी से पड़ता है। दो शत्रुओं के मध्य रह कर भी सुरक्षित रहेंगे। फलस्वरूप आप अच्छे कार्य एवं अच्छी बुद्धि से प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेते हैं। आप सामर्थ्य और शक्तिशाली व्यक्ति के पक्षधर हो कर उसे शक्ति प्रदान करते हैं। भयातुर धीरे-धीरे चलने वाले, मधुरभाषी, आकर्षक व्यक्तित्व के, अनेक रूपों वाले हैं। आप बातचीत करना पसंद करते हैं। आप कल्पना जगत के प्राणी हैं। हर व्यक्ति को अपना बना लेने की कला विद्यमान है। आपकी ऊंची बातें भाग्य बनाने में सहायक हैं। आपके मुंह से निकली बुरी बात का असर पड़ता है। आप के अंदर आन्तरिक शक्ति है एवं काम कला में प्रवीण हैं। आप दूसरों की परवाह नही करते हैं, स्वार्थपरायण, अपनी प्रशंसा चाहने वाले हैं।

यदि आपने नेकी का रास्ता छोड़ बदी का रास्ता अपनाया, अण्डे खाये, राग गाने का शौक रखा, शराब पी और मांस-मछली खायी, अधर्म के काम किये या जादू-टोना वशीकरण आदि विद्या में रुचि रखी तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से आपकी कुछ आदतें बुरी हैं। धीरे-धीरे सोच-समझ कर बोलने की आदत से बुद्धिमानी का प्रतीक बनेंगे। आप चलते-चलते या काम करते-करते बातें करना पसंद करते हैं। अकारण कंजूसी बरतना प्रतिष्ठा के प्रतिकूल है। संतान सुख में बाधा की आशंका है। चमड़ी का रोग या पेट में खराबी रहेगी। जादू-टोना विद्या में रुचि रखने से धन-परिवार की हानि होगी।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. अंडा या अंडे से बनी चीजें न खावें।
  2. शराब-मछली का सेवन न करें।

उपाय:

  1. धर्म-कर्म करें।
  2. घर आये मेहमानों की सेवा जरुर करें।

दुसरे घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध दूसरे खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आप मेहनत से धन कमा कर, धनी होंगे। आप पत्नी भक्त, स्वार्थी, पुत्र सुख से वंचित तथा संगीत प्रिय हैं। धन-दौलत के मामले में आपका ससुराल पक्ष निर्बल रहेगा। आपके जीवन में राजयोग प्राप्ति के शुभ योग हैं। आपका विचार अस्थिर होता है। आप कुछ देर बाद या बातों-बातों में अपना विचार बदल लिया करते है। आपको कन्या संतान से अधिक सुख प्राप्त होने की संभावना है। आप ज्ञानी और उपदेशक भी हो सकते हैं। आप या आपके पिता दादा बहुत बड़े धनवान होंगे। आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माणकर्त्ता हैं। आप स्वाभिमानी, परंतु संतान पक्ष से कमजोर होंगे। आपको राजपक्ष से लाभ होना संभाव्य है। आपकी आय अच्छी होगी। आप अपने जन्म स्थान से दूर निवास करेंगे। आप मतलब परस्त होंगे। आप हाजिर-जबाबी और उपयुक्त उत्तर देने वाले हैं। आप का स्वभाव योगी और राजा दोनों तरह का होगा। आपके संपर्क में जो आएगा वह लाभान्वित होगा।

यदि आपके परिवार में लड़कियां या औरतें अधिक होंगी, दुनियावी साधूओं के चक्कर में रहेंगे, जुआ-सट्टा खेलेंगे तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से पिता-सुख में अल्पता की आशंका है। आप पर लांछन लग सकता है या बदनामी भी हो सकती है। आप मांसाहारी होंगे तो यात्राएं बहुत होंगी। यात्रा से लाभ होने की उम्मीद कम है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. तोता, भेड़-बकरी न पालें।
  2. धागा-ताबीज, जल-भभूती आदि से दूर रहें।

उपाय:

  1. दूध-चावल धर्म स्थान में देवें।
  2. फिटकरी से दांत साफ करें।

तीसरे घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध तीसरे खाने में है। इसकी वजह से सदैव यात्रा करेंगे। चिकित्साकार्य में यश के भागी बनेंगे। मित्र एवं संबंधियों का सहयोग प्राप्त होगा। मिश्रित रूप से उत्तम फल प्राप्ति के योग हैं। आप सगे संबंधियों के अतिरिक्त अन्य लोगों के लिए शुभ हैं। आपके संपर्क के लोगों को लाभ प्राप्त होगा। आपको धन के लिए उत्तम फल प्राप्त होते हैं। आप फलों के काम, कृषि कार्य, कांसे के बर्तनों का काम तथा पशु पालन कार्य से लाभ प्राप्त करेंगे। संतान एवं मातृपक्ष के परिवारों के लिए आप लाभदायक हैं। आप में दमा के रोगी को ठीक करने की कला है। आप व्यापार में प्रगति करेंगे। आप लड़ाई-झगड़े से परहेज करेंगे तथा आप लड़ाई-झगड़े का दुःसाहस भी नहीं करेंगे। यद्यपि आप भयातुर नहीं रहेंगे। बुरे कार्यों से तटस्थ रहने का प्रयास करेंगे। किसी कार्य को प्रारंभ करने में अनेक विचार उत्पन्न होंगे तथा निर्णय लेने में सहायता की अपेक्षा करेंगे। आप अपनी बुद्धि का प्रयोग करने में भी संकोच नहीं करेंगे।

यदि आपको मूंग खाने का शौक हुआ, बुआ-बहन-लड़की का धन उपयोग किया, चौड़े पत्तों का वृक्ष आपके घर में हुआ, घर का दरवाजा दक्षिण दिशा में हो तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से आपका जीवन धूमिल है। आपको भाई-बहन का सुख कम प्राप्त होगा। भाई-बहन से झगड़ा हो सकता है। आपकी भाग्योन्नति में अवरोध उत्पन्न होते रहेंगे। संतान-सुख विलंब से मिलेगा। जुबान में तोतलापन आ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. बुआ-मामा से झगड़ा न करें।
  2. चौड़े पत्तों का वृक्ष  घर में न लगावें।

उपाय:

  1. दुर्गा पूजन या कन्याओं की सेवा करें।
  2. तोता पालें या तोते को चूरी खिलायें।

चौथे घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध चौथे खाने में पड़ा है। इसकी वजह से सुख प्राप्त होगा। सरकार द्वारा मान-सम्मान भी प्राप्त होगा। राजसुख प्राप्त होगा। आप लेखक संपादक या एक कुशल व्यवसायी भी होंगे। आप अपने जन्म स्थान के आस-पास ही नौकरी-व्यापार करेंगे। आप भाग्यवान हैं। आपके परिवार, दौलत तथा आपकी उम्र तीनों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। राजयोग के प्रभाव से आप सरकारी नौकरी में रहेंगे या सरकार से लाभ प्राप्त करेंगे। जीवन व्यस्त परंतु पूर्ण सुखी रहेगा। सुख के सभी साधन उपलब्ध होंगे। निजी भवन और वाहन की प्राप्ति के योग हैं। आप हुनरमंद और कलाकार होंगे। जीवन में बुद्धिमत्ता से काम लेना पड़ेगा। विदेश की यात्रा या आयात-निर्यात के कामों से अधिक लाभ होगा। बुआ-मौसी से लाभ होगा।

यदि आपने विधवा या अविवाहिता स्त्री से संबंध रखा, लड़की, बुआ, बहन-साली के धन का उपयोग किया, माता का विरोध किया या कष्ट दिया तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से सब प्रकार से आपको मां का प्यार कम मिलेगा। माता के लिए अरिष्ट सूचक योग है। यदा-कदा आपका मनोबल क्षीण हो जाया करेगा। परंतु आपको घबराना नहीं चाहिए। आपको किसी से गलत मंत्रणा मिल सकती है। पत्नी सुख, धन-दौलत और गृहस्थ सुख पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. बुआ-मौसी से झगड़ा न करें।
  2. विधवा या अविवाहित स्त्री से संबंध न रखें।

उपाय:

  1. तांबे का पैसा सफेद धागे में डाल कर गले में धारण करे।
  2. केसर का तिलक करें।

पांचवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध पांचवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आपका जीवन खुशहाल रहेगा। आपकी ज्योतिष विद्या तथा आयुर्वेद शास्त्र में रुचि रहेगी। आपका वाक्य ब्रह्मा जी के मुंह से निकली बात के समान होगा। आपको अपने भाई से सुख मिलेगा और लाभ होता रहेगा। आपको जीवन में औलाद सुख मिलेगा। आप बिना सोचे-समझे भी कुछ बात कह दें, तो वह सच हो जाएगा। आपका चरित्र अच्छा होगा। आपकी जद्दी जायदाद, गृहस्थी और औलाद पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। 34 वर्ष की उम्र के बाद आपका भाग्य पूरी बुलंदी पर आ जाएगा। आप पूर्ण ज्ञानी और तेजस्वी प्रभाव के व्यक्ति होंगे। आपके सगे संबंधियों या किसी भी व्यक्ति पर आपका अच्छा असर रहेगा। आप अच्छे प्रबंधकर्त्ता हैं। अकस्मात् धन की प्राप्ति के भी योग है। आपको अपने जीवन में बहुत अच्छे दिन देखने का सौभाग्य प्राप्त होगा। आपको पराविद्या, तंत्र-मंत्र पर पूर्ण भरोसा रहेगा। धर्म, आध्यात्म और ईश्वर भक्ति के प्रति आपकी रुचि अच्छी रहेगी। आपकी बुद्धि तेज है। आपको बुद्धि के खजाने और विद्या का पूर्ण लाभ मिलेगा।

यदि आपने संतान का विरोध किया सरकारी अधिकारियों से झगड़ा किया, परस्त्री से अनैतिक संबंध रखे, आपके घर में बांस का वृक्ष हुआ तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से आप कभी-कभी बहुत कड़की बातें करने लगेंगे। इस बात का परहेज रखें। संतान पर कष्ट के दिनों में आप अधिक ही चिंतित हो जाया करेंगे। आप कल्पना लोक में भ्रमण करेंगे या काल्पनिक डर से भयभीत रहेंगे।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. गऊ मुख घर में रिहाइश न करें।
  2. चाल-चलन ठीक रखें।

उपाय:

  1. चांदी की बेजोड़ अंगूठी बायें हाथ में पहनें।
  2. तांबे का पैसा सफेद धागे में डाल कर गले में धारण करें।

छठे घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध छठे खाने में पड़ा है तो इसकी वजह से ऐसा लगता है कि आप मनमौजी होंगे। आप कम बोलेंगे परंतु गंभीर बात ही बोलेंगे। आपकी शिक्षा थोड़ी-बहुत बाधा के उपरांत पूरी होगी। दिमागी कार्य, व्यापार आदि से पूर्ण लाभ मिलेगा। आप विदेश का भ्रमण करेंगे। समुद्री यात्रा से पूर्ण लाभ प्राप्त होने की आशा है। आपके पास कृषि योग्य भूमि होगी। अमूमन आपका किसी के साथ झगड़ा विवाद नहीं होगा। यदि कारण-अकारण किसी से झगड़ा-मुकद्दमा हुआ भी तो आप की जीत होगी। प्रामाणिकता से धन कमाने से आपको यश भी मिलेगा। पत्नी धनी परिवार से मिलेगी। आप स्वयं सम्पत्तिवान होंगे। 34 वर्ष की आयु के बाद पूर्ण संतान सुख मिलेगा। वृद्धावस्था अच्छी गुजरेगी। आपके मुंह से निकली बातें पूरी होंगी। अपनी विद्या, दिमागी काम, व्यापार से अच्छा धन कमाएंगे। कृषि कार्य, भाषण देना, लिखने-पढ़ने के काम आपके लिए अनुकूल होंगे। लेखन, प्रिंटिंग या छपाई के कामों में अच्छा फल मिलेगा। आपको राजयोग का सुख मिलेगा। आपके पास दौलत और जमीन-जायदाद अच्छी रहेगी।

यदि आपके घर का मुख्य दरवाजा उत्तर दिशा में होगा या घर से उत्तर दिशा में लड़की का विवाह किया, ननिहाल वालों से झगड़ा किया तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से 34 वर्ष की उम्र के लगभग माता की मृत्यु हो सकती है। विवाह के बाद 37 वर्ष पत्नी सुख मिलेगा, दो विवाह योग, एक 34 से पहले दूसरा 34 वर्ष के बाद होने की संभावना है। आपको नेत्र रोग भी हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. लड़की/बहन का विवाह घर से उत्तर दिशा की तरफ न करें।
  2. सेवक/नौकरों से बचें।

उपाय:

  1. चांदी की बेजोड़ अंगूठी बायें हाथ में पहनें।
  2. मिट्टी के बर्तन में दूध भर कर वीराने में दबायें।

सातवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी कुंडली में बुध सातवें खाने में पड़ा है तो इसकी वजह से आप कुलीन होंगे। आप व्यवहार कुशल होंगे। आप प्रिंटिंग प्रेस, डाक्टर/कैमिस्ट का काम, रेडीमेड माल के व्यापार से धन कमाएंगे। नौकरी-व्यापार के लिए तो बुरा असर नहीं होगा। आप अपने काम धन्धे में 34 वर्ष की उम्र तक सफल हो सकेंगे। आपकी विदेश की यात्रा होगी। आप किसी भी प्रकार का काम करें, वह काम प्रारंभ होकर, बिखर जाएगा। आपका ससुराल पक्ष धनी और मजबूत होगा। आपकी तलवार में इतनी ताकत नहीं जितनी आपकी कलम में शक्ति है। कोर्ट-मुकद्दमे में आपकी जीत होगी। आप दूसरों के लिए भी माफिक रहेंगे। आप अपने दोस्तों या परिचित लोगों के सहायक होंगे। आपको दस्तकारी के काम, तकनीक कार्य और लकड़ी के काम में उत्तम फल मिलेगा। आपका जीवन सुलझा हुआ होगा। विज्ञापन या स्वयंवर द्वारा विवाह का योग होता है। आपकी पत्नी उच्च परिवार से होगी।

यदि आपने साहुकारा किया, भाई-साले के साथ साझेदारी की, पत्नी से झगड़ा किया, परस्त्री से चाल-चलन खराब किया तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से आपकी साली से घरेलू संबंध बनेंगे जो कि आपकी बर्बादी का कारण बनेगा। आपके विवाह में गड़बड़ी होगी। अगर विवाह में देरी हो तो 34 वर्ष की आयु तक निश्चित विवाह हो जाएगा। स्त्री से दूरी या तलाक तक की नौबत आ सकती है। आपके भाई-बंधु आपका विरोध करेंगे। झगड़ा-फसाद या मुकद्दमेबाजी या उलझन ज्यादा प्रभावी नहीं होगी। आपमें बुद्धि की कमी रहेगी। आपमें परिपक्वता देर से आयेगी। आप अपने परिवार को तोड़ सकते हैं।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. बिना सींग की गाय या बकरी न पालें।
  2. हरी घास घर में न लगावें।

उपाय:

  1. हीरा पहनें/हीरे के अभाव में पन्ना भी पहन सकते हैं।
  2. चीनी खा कर पानी पीकर कार्य शुरु करें।

आठवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली के आठवें खाने में बुध पड़ा है तो इसकी वजह से आपको परिश्रम करते रहना पड़ेगा। आप गुप्त विद्या के जानकार या गुप्त विद्या से लगाव रखने वाले हैं। 34 वर्ष के बाद समय अच्छा हो जाएगा। राजदरबार से सम्मान मिलेगा, ससुराल से लाभ मिलेगा।

यदि आपके घर में लाल, गुलाबी, महरून आदि रंग के कोरे कपड़े होंगे या मिट्टी का कोरा बर्तन होगा घर की सीढ़ियां टूटी हुई होंगी, परस्त्री संबंध रखेंगे तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से आपका धन रोग-बीमारी में बहुत खर्च होगा। गुप्त रूप से तबाह होते रहेंगे। कुछ हानिकारक समय आ सकता है। आपको काफी सूझ-बूझ से काम लेना चाहिए अन्यथा जेल भी जाना पड़ सकता है। अस्पताल, वीरान अथवा घर से बाहर समय बिताना पड़ सकता है। नौकरी या व्यवसाय में अचानक बाधा आ सकती है। आय में आधे की क्षति हो जाएगी जो समझ में नहीं आएगी। दंत या नाड़ियों में बीमारी हो सकती है। पत्नी का मारक योग या दो पत्नी रखेगे। धन-दौलत भी खतरे में पड़ सकती है। स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा। 32 से 34 वर्ष की आयु में धनाभाव के कारण अन्य स्रोत में रुकावट ही होगी। 16 से 21 वर्ष तक की आयु का समय एकदम बेकार रहेगा। उम्र के 34 वर्ष तक अच्छा विकास नहीं होगा। धन-सम्पत्ति पर बुरा असर पड़ेगा। आलस्य के कारण उल्टा प्रभाव पड़ेगा और आर्थिक नुकसान होगा। जीवन में दीमक लग जाएगा अर्थात् आपके सुख के साधन खराब हो सकते हैं।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. लाल, गुलाबी, महरुन रंग के कोरे कपड़े न रखें।
  2. घर में धर्म स्थान की जगह न बदलें।

उपाय:

  1. वर्षा का पानी छत पर रखें।
  2. काला अंडरवियर पहनें।

नौवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी कुंडली में नौवें घर में बुध पड़ा है तो इसकी वजह से संगीत या ज्योतिष में रुचि रह सकती है। आप परिवार का भरण-पोषण करते रहेंगे। आपको अपना भाग्य बनाने में अधिक समय लगेगा। धन-दौलत में बरकत होने में समय लगेगा फिर भी आप खुश रहेंगे। आपके काम-धन्धे पर तथा राजदरबार में आपका अच्छा असर रहेगा। जन्मस्थान से दूर विदेश तक की यात्रा करनी पड़ सकती है परंतु विदेश प्रवास का फल भी अच्छा या अनुकूल रहेगा।

यदि आपके घर में गाने-बजाने का सामान और रेडियो-घड़ियां आदि खराब पड़े होंगे, जुबान में तोतलापन, हरे रंग की चीजें अधिक होंगी या साधू-महात्मा आदि ताबीज़ लेकर रखा तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से आपके काम से आपके पिता की बदनामी हो सकती है। धोखेबाजी से कदम-कदम पर मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। गृहस्थ जीवन और औलाद से संबंध में खराबियां पैदा होंगी। मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। अधर्म के कार्य करेंगे तो भाग्य में भी रुकावटें आती रहेंगी। जीवन में उत्थान-पतन से तंग आ जाएंगे। जीवन के हालात से तंग आकर साधू-फकीर बनने की इच्छा होगी परंतु साधू-फकीर बनना अच्छा नहीं होगा। आप पिता के लिए मनहूस रहेंगे। पिता के सुख का अभाव हो सकता है। आप अपने पिता की आयु पर भारी हैं। पिता के नौकरी-व्यापार में बाधा हो सकती है। जलील और खराब काम करना पड़ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. जल-भभुतिया, धागे-ताबीज न रखें।
  2. मकान की सीढ़ियां गिरा कर दुबारा न बनायें बल्कि उसकी मरम्मत करें।

उपाय:

  1. गऊ ग्रास देवें।
  2. लोहे की गोली पर लाल रंग करके पास रखें।

दसवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध दसवें खाने में पड़ा है तो इसकी वजह से आप अपने विभाग में अधिकारी के प्रिय रहेंगे। आप व्यवहार कुशल, ठीक से जीवन निर्वाह करने वाले होंगे। आप खुशामदी और नीतिशास्त्र में निपुण होंगे। आप लेखक-संपादक, अनेक विद्याओं के जानने वाले हो सकते हैं। ठेकेदारी के काम से धन कमाने वाले होंगे। आप पूरा धन कमाने वाले हैं। आप अव्वल दर्जे के खुशामदी होंगे। आप अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से स्वार्थ सिद्ध करेंगे। आप समुद्री यात्रा या विदेश की यात्रा अवश्य करेंगे। आप शरारती और मतलब परस्त होंगे। परंतु दूसरों के हां में हां मिलाने या खुशामद करने में माहिर होंगे। आप मीठी-मीठी बातें करके सबको मोहित कर लिया करेंगे। व्यापार करने से घर के लोगों को भी बरकत होगी। आप हुनरमंद और बेशर्म स्वभाव के है। 50 वर्ष की उम्र के बाद आपका अच्छा जीवन बीतेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार हो जाएगा।

यदि आपने मादक चीजों-द्रव्यों का प्रयोग किया, हरे रंग की बोतल में विदेशी शराब या परफ्यूम अपने घर में रखा, मछली का शिकार किया तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से शराब-पीना और मांस खाना आपके लिए नुकसानदेह है। आपको अपनी नजर में दोष उत्पन्न हो सकता है। आप दूसरों के लिए बेवकूफ दोस्त के समान होंगे। आपकी दूसरों के साथ चालबाजी की आदत रहेगी। 48 वर्ष की आयु तक पिता के सुख में अभाव हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चौड़े पत्तों का वृक्ष, तुलसी-मनीप्लांट न लगावें।
  2. शराब-मछली का सेवन न करें।
  3. मछली का शिकार न करें या मछली न पकड़ें।

उपाय:

  1. मजदूर पेशा व्यक्ति की सेवा करें।
  2. मछलियों को भोजन का हिस्सा खिलायें।

ग्यारवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में ग्यारहवें खाने में बुध पड़ा है तो इसकी वजह से आपकी गुणी और संपन्न संतान होगी। आपकी संतान का विवाह उच्च कुल में होगा। आपके जीवन के 1, 23, 33, 36, 44, 57, 73 84 एवं 94वां वर्ष शुभ और लाभदायक होगा। आप स्वयं हुनरमंद तथा शर्मसार होंगे। आपकी पूरी तरह तकदीर बनने की उम्मीद रहेगी। 34 वर्ष के बाद आप अच्छी प्रकार से जीवन बिताएंगे। आपको दोस्ती करने से लाभ नहीं होगा। आपको विदेश के व्यवसाय से भी लाभ हो सकता है। बुद्धि के कामों में आपको सफलता मिल सकती है। सरकारी पक्ष से लगाव, लाभ और सम्मान प्राप्त हो सकता है। आपको कसीदाकारी, चित्रकला, कलाकारी, अध्यापन या कानूनी काम से लाभ हो सकता है। विशेष रूप से आप अपनी बुद्धि का प्रयोग कर लाभ और प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपने बुरे या बदकारी के काम किये, चौड़े पत्तों का वृक्ष आपके घर में हुआ, साधू-फकीर से धागे ताबीज आदि लिया तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदे असर से जीवन के 39वें वर्ष में शारीरिक कष्ट की आशंका है। आपकी बहन अमीर घर में ब्याही जाएगी परंतु पति की वजह से दुःखी रहेगी। आपके बच्चों पर भी कुछ बुरा असर हो सकता है। आपके पांव में, कान में, जिस्म के जोड़ों पर बीमारी होने की आशंका है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चौड़े पत्तों का वृक्ष घर में न लगाएं।
  2. पीतल खाली बर्तन बंद न रखें।

उपाय:

  1. कंठी वाला तोता पालें।
  2. तांबे का पैसा या चौरस टुकड़ा सफेद धागे में डाल कर गले में पहनें।

बारहवें घर या खाने का बुध ग्रह  : यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध बारहवें खाने में होगा तो इसकी वजह से अच्छी स्थिति बन सकती है। वैसे आपको धन-संपत्ति मिलेगी परंतु आकस्मिक खर्च होता रहेगा। आप सोच-विचार कर कार्य करेंगे। आपकी बहन-लड़की अपने ससुराल में ही सुखी रहकर बसेगी। मगर अपने पिता के घर में दुःखी रहेगी। आप सोच-विचार कर कार्य करेंगे। बुजुर्गों की संपत्ति का लाभ होगा। ज्योतिष या गुप्त विद्या में रुचि रह सकती है।

यदि आपने किसी से झूठा वायदा किया या जुबान बदलने की आदत हुई, मादक चीजों-द्रव्यों का प्रयोग किया, हर समय लुट गये-लुट गये की बातें की तो आपका बुध मंदा हो सकता है या किसी कारण वश बुध मंदा हो गया हो तो बुध के मंदा असर से आपकी मानसिक स्थिति डांवाडोल करेगा। सिर दर्द बना रहेगा। रात्रि में ठीक ढंग से नींद नहीं आएगी। आपके घर में बहन, लड़की, दुःखी रहेगी। आप धनी होते हुए भी दुःखी रहेंगे। सट्टे-लाटरी का काम या दलाली के कामों से नीच प्रभाव मिलेगा। बुरे कामों में धन की बर्बादी हो सकती है। पिता के धन पर बुरा असर पड़ सकता है। ससुराल में मंदा प्रभाव रहेगा। कभी-कभी भ्रम या अज्ञानता के कारण नुकसान होने की आशंका है। आपके भाई के जीवन पर बुरा असर तथा धन का नाश हो, ऐसी शंका है। 25वें वर्ष में विवाह करना पिता के लिए अशुभ होगा। आपकी पत्नी का भाग्य भी मंदा हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. दिया हुआ वचन पूरा करें।
  2. क्रोध से दूर रहें।

उपाय:

  1. स्टैनलेस स्टील की बेजोड़ अंगूठी बायें हाथ में पहनें।
  2. मिट्टी का खाली घड़ा ढक्कन लगा कर जल प्रवाह करें।

Acharya Anupam Jolly

आचार्य अनुपम जौली, यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है और अब आचार्य जी ने रमल शास्त्र पर अपनी कुछ अत्यंत विशिष्ट खोज करके यह साबित कर दिया कि कालांतर में विलुप्त हो चुकी हमारी अद्भुत एवं दिव्य ज्ञानवर्धक विद्यायें हमारे लिए बेहद लाभदायक थीं। जिन्हें अल्पज्ञान के चलते आप और हम नजऱ अन्दाज कर बैठे हैं।

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