Lal Kitab Chandrma

चन्द्र ग्रह के लाल किताब उपाय

Lal Kitab Remedies for Moon

हम सभी जानते है की कुंडली में कुल बारह भाव होते है l आप अपनी कुंडली में खुद ही देख सकते है की किस भाव में कौन सा ग्रह ख़राब है , और उसका उपाय कैसे करें l प्रस्तुत लेख में चन्द्र ग्रह के बारह भावों के लालकिताब उपाय दिए जा रहे है, यदि उस भाव में दशा अन्तर्दशा में चन्द्र के दुष्परिणाम दिखाई दे रहे हो तो आप निम्न उपाय कर सकते है और उसके अच्छे परिणामों में हमें परहेज रखना होगा l

पहले खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली के पहले खाने में चंद्रमा है तो इसकी वजह से आपका जन्म आपके माता-पिता की तपस्या के बाद हुआ होगा या भगवान की मिन्नतें-मन्नतें मांग कर या आपके जन्म से पहले कई बहनों का जन्म हुआ होगा। आप सबको वशीभूत कर लेते हैं। आप शांत स्वभाव के सुंदर और सफेद कपड़े पहनने के शौकीन हैं। आप विभिन्न भाषाओं के विद्वान होंगे। आपको पैतृक मकान का सुख मिलेगा। आपको जीवन भर संपत्ति की कमी महसूस नहीं होगी। 28 वर्ष की उम्र में विवाह हो तो जीवन भर सुख मिलेगा। पराई अमानत पास रह जायेगी जिससे अमीर हो जाऐंगे। जब तक माता जीवित रहेंगी धन-दौलत का अभाव नहीं रहेगा। लंबी उम्र के मालिक होंगे। राजदरबार में सम्मान मिलेगा। आपके जन्म के बाद पिता की माली-हालत अच्छी होगी। लम्बी आयु, कारोबार तथा धन लाभ के लिए शुभ होगा। बुढ़ापा उत्तम रहेगा। 24 या 27 साल की उम्र में अगर सफर करें तो सफर से वापस घर आकर मां का आशीर्वाद लेने से माता की आयु बढ़ेगी। 24 वर्ष आयु से पहले मकान न बनावें।

यदि आपने 24 वर्ष आयु से पहले मकान बनाया होगा, 28 वर्ष आयु में विवाह किया हो, आपने नौकरानी से झगड़ा या गाय को कष्ट दिया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से पानी में डूबने का भय, मानसिक रोग, पुत्र सुख का अभाव, अति चिन्ता रहना, शारीरिक कमजोरी, आंख की पुतली खराब होना, घर में बाग-बगीचा हो तो उजड़ा सा रहेगा, आपको दिल की बिमारियां हो सकती हैं।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चाल-चलन ठीक रखें।
  2. माता या बूढ़ी स्त्री से झगड़ा न करें।

उपाय:

  1. चांदी के गिलास में दूध-पानी आदि पियें।
  2. बट के वृक्ष को कभी-कभी पानी डालें।

दुसरे खाने का चंद्रमा  :यदि आपकी जन्मकुंडली के दूसरे खाने में चंद्रमा पड़ा है तो इसकी वजह से यह आपके भाग्य को जगाता है। धन-संपदा से संपन्न रहेंगे। आपके वंश की वृद्धि होगी। पैतृक सुख और संपत्ति से पूरे रहेंगे। आपके घर में लक्ष्मी की वृद्धि होगी। आपको जद्दी-जायदाद और विरासत का हिस्सा अवश्य मिलेगा। आपको वृद्धावस्था में सभी शुभ फल अवश्य मिलेंगे। बुढ़ापे में सुखकारक समय होगा। आपको भाई का सुख अवश्य मिलेगा। आप सफल प्रेमी होंगे। आप धनवान और उच्चाधिकारी बनेंगे। आपके ससुराल की माली-हालत अच्छी होगी। पिता और ससुराल से धन-संपत्ति का लाभ मिलता है। 48 वर्ष आयु तक माता का सुख मिलता है। परिवार में किसी के जुड़वा बच्चे भी पैदा हो सकते हैं। सफेद चीजों (चावल-चांदी, दूध आदि) से अधिक लाभ मिल सकता है।

यदि आपने बूढ़ी स्त्री या माता का अपमान किया, ससुराल वालों को तंग करके धन प्राप्त किया, मांस-मदिरा का सेवन किया, घर में मंदिर बना कर पूजा-पाठ किया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से 25 और 34 वर्ष की आयु में गरीबी का सामना करना पड़ सकता है। आप दुनियावी प्रेम संबंधों के कारण बर्बाद हो सकते हैं। आपको संतान में विघ्न या संतान का सुख देर से मिलेगा। आपको बहन का सुख नहीं मिले ऐसा संभव है। बहन-बेटी या परिवार की किसी लड़की को मिरगी का दौरा पड़ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. घर के मंदिर में शिवलिंग, मूर्तियां, घंटी, शंख आदि न रखें।
  2. शराब और मादक वस्तुओं का प्रयोग न करें।

उपाय:

  1. माता या बूढ़ी स्त्री के पैर छूकर आशीर्वाद लें।
  2. माता से चावल-चांदी, सफेद कपड़े की थैली में लेकर पास रखें।

तीसरे खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली के तीसरे खाने में चंद्रमा पड़ा है। इसकी वजह से मैदाने जंग में हार या हानि न होगी। आप मधुरभाषी, परिश्रमी, सच्चरित्र, मृत्युरक्षक एवं भातृ सुख से पूर्ण रहेंगे। चंद्रमा आपके सहायक हैं। चोरी से बचाव होगा। भाई से धन-दौलत प्राप्त होगी। जन्मदिन के बाद का हर तीसरा महीना श्रेष्ठ रहेगा। आप साहसी होंगे। हर प्रकार की शरारत का जवाब देने की आप में क्षमता होगी। आपके मन में शांति रहेगी। सांसारिक जीवन में भी आप योगी जैसे स्वभाव के होंगे। यदि आप साधू हो जाएं तो ऋद्धि-सिद्धि की साधना के मालिक होंगे। गृहस्थी, धन-दौलत के भंडारी होंगे। आपके परिवार में मर्दों की संख्या अधिक होगी। आपके घर में स्त्रियों में इज्जत होगी तो आपका भाग्योदय होगा। आपका पत्नी से प्रेम और सेवा उत्तम फल देगी। कुदरत लंबे हाथों से आपकी मदद करेगी। गरीबों पर तरस खाएंगे। आपके पिता को कम और माता को अधिक सुख मिलेगा। माता या पिता में से एक की लंबी आयु होगी। दिमागी शक्ति अच्छी रहेगी। लड़की की शादी में उसके ससुराल वालों से पैसा लेना जहर जैसा असर देगा। आप सरकार या विद्यापीठ से सम्मानित होंगे। आपको शतरंज-तैराकी का शौक हो सकता है।

यदि आप होस्टल वार्डनर हैं और विद्यार्थियों का सामान खुर्द-बुर्द किया, रिश्तेदारों का विरोध किया, भाई-बहन का हिस्सा दबाया या ब्याही बहन का धन लेकर वापिस न किया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से भाई-बहन को अपमानित किया या भाई-बहन को दुःखी किया तो आपके घर में चोरी का भय और यात्रा में हानि हो सकती हैं।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. बहन-भाई से झगड़ा न करें।
  2. यतीमों का सामान हड़प न करें।

उपाय:

  1. लडकी/बहन के विवाह में कन्या दान करें।
  2. दुर्गापाठ या कन्याओं की सेवा करें।
  3. लड़के जन्म पर गुड़-गेहूं-तांबा दान करें।
  4. लड़की के जन्म पर दूध-चावल-चांदी का दान करें।

चौथे खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा चौथे घर में है। आपका भाग्य जागेगा। आपको जमीन, जायदाद, भवन और वाहन का उम्दा सुख मिलेगा। पैतृक कारोबार से लाभ होगा। आपको कपड़े के व्यवसाय से लाभ होगा। आपको माता-पिता का पूर्ण सुख मिलेगा। बुढ़ापा सुखपूर्वक गुजरेगा। पैतृक संपत्ति अवश्य प्राप्त होगी। सरकारी खर्चे से विदेश की यात्रा करेंगे। आपके पास धन का दरिया होगा जितना खर्च करोगे उतना ही धन बढ़ेगा। माता और लोगों की सेवा करने से माया का दरिया समुद्र बन जाएगा। आपकी उम्र लंबी होगी आपके पास कोई व्यक्ति अमानत रखे तो लेने के लिए वापस नहीं आएगा। पुत्र पैदा होने के बाद आपकी हालत अच्छी हो जाएगी। आप सरकारी नौकरी या सरकारी ठेकेदारी करेंगे तो दौलत अच्छी मिलेगी। समुद्री सफरों में भी लाभ प्राप्त होगा। माता व पत्नी दोनों से सहयोग प्राप्त होगा। आप राजसी ठाठ भोगेंगे। आपको बुजुर्गों का व्यापार बदलना हानिकारक होगा। आप न्यायमूर्ति या जज भी हो सकते हैं। अच्छे सलाहकार साबित होंगे और आप अपना कोई भी कार्य करने से पहले किसी की सलाह जरूर लेवें। यह आपके परिवार के लिए हानिकारक है।

यदि आपने दूध-पानी बेचने का काम किया, माता या बूढ़ी स्त्री से झगड़ा किया, दादा-पिता के समय का कारोबार बदला, घर आये मेहमान की सेवा न की तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से यदि आप माता को कष्ट देंगे और उनका विरोध करेंगे तो धन की खराबी और मन की शान्ति भंग होगी। बुजुर्गों की संपत्ति नष्ट होगी। आप किसी का एहसान नहीं मानोगे, माता को कष्ट देना या उसका विरोध करने से, वाहन दुर्घटना का भय रहेगा। यदि आप बुजुर्गों का व्यापार बदलेंगे तो हानि होगी, दूध का बेचना या डेयरी फार्म के काम में हानि होगी और संतान सुख न होगा। मेहमानों की सेवा करने की बजाए उनसे कुछ धन व समान की आशा रखेंगे।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. माता का विरोध न करें।
  2. दूध-पानी मोल न बेचें।

उपाय:

  1. शुभ कार्य शुरु करते या जाते समय पानी या दूध का कुंभ रखें।
  2. घर में आये मेहमानों को दूध या मीठा पानी जरूर पिलायें।

पांचवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली के पांचवें खाने में चंद्रमा है। इसकी वजह से हीरे-जवाहरात से संबंधित नौकरी-व्यापार लाभ देगा। कन्या सन्तान अधिक होने का योग है। आपको सुख के सभी साधन मिलेंगे। वन विभाग के अधिकारी हो सकते हैं। आप 9 वर्ष जीवन में यात्रा करेंगे। विदेश यात्रा से लाभ संभावित है। आपकी संतान की उम्दा परवरिश होगी। धार्मिक विचार रखने से आपके धन-दौलत की बरकत होगी। आप किसी के भी सामने नहीं झुकेंगे। आप दूसरों का इन्साफ करने में आगे रहेंगे। आप रहम दिल इंसान होंगे और किसी से बेइंसाफी नहीं करेंगे। लड़ाई-झगड़े में आप जिसका भी साथ देंगे वह जरूर जीतेगा। सरकारी काम शुभ फल देने वाला होगा। आप सामाजिक कार्य करें तो आपकी औलाद के लिए अच्छा होगा। यात्रा का फल शुभ होगा। आपकी कभी भी बर्बादी नहीं होगी। आपको अपने जीवन की सभी मशहूर बातें हमेशा याद रखनी चाहिए।

यदि आपने धर्म विरोधी कार्य किये, गुप्त पाप किया, चकोर पक्षी का शिकार किया, अपना भेद किसी को बताया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से आपकी विद्या में विघ्न, संतान द्वारा विरोध होगा। आपका अपना भेदी तबाही कर सकता है। लालच और खुदगर्जी से नुकसान होगा। आपकी आदत हरेक को गुमराह करने वाली होगी। आपको नौकरी-व्यापार से अच्छा लाभ नहीं हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. आप अपनी मर्जी से कोई कार्य न करें, किसी की सलाह जरुर लेवें।
  2. किसी भी पाप कार्य में दखल न देवें।

उपाय:

  1. धार्मिक कार्य में बढ़-चढ़ कर भाग लेवें।
  2. कभी-कभी पहाड़ की यात्रा करें।

छठे खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा छठे खाने में पड़ा है। इसकी वजह से कन्या संतान अधिक होंगी। आप योजना बनाने में कुशल और बुद्धिमान होंगे। मुकद्दमे में आपको सफलता मिलेगी। मामा पक्ष के लोगों से सहयोग और लाभ की संभावना है। जैसी करनी वैसी भरनी की नसीहत को आप हर दम याद रखेंगे। आपकी बुआ-बहन-लड़की सुखी रहेगी। नौकरी-व्यापार में बार-बार तबदीली का योग है, आप तड़पते हुए व्यक्ति के मुंह में पानी डालने वाले सबके हमदर्द होंगे। आपको गरीबी का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। आप किसी गंभीर रोग के रोगी नहीं होंगे।

यदि आपने बहन-बेटी का धन प्रयोग किया, अपना भेद किसी को बताया, सूर्यास्त के बाद दूध पिया, छबील या प्याऊ लगाया या आम लोगों के लिए धर्मार्थ कुआं, हैंड पंप लगाया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से आपको माता के सुख में कमी आ सकती है या सौतेली मां के साथ बचपन बिताना पड़ सकता है। 24 वर्ष की आयु में यदि आम जनता के लिए कुआं या पानी का साधन लगवायेंगे तो उसका बुरा असर माता और संतान पर पड़ेगा। आपकी स्त्री की आंख में कुछ खराबी होने की संभावना है। आपके ससुराल पक्ष के लोगों का नुकसान होने की उम्मीद है। शत्रु आप से भय खाएंगे। कोर्ट-कचहरी का झमेला आपको झेलना पड़ सकता है। आपको कभी-कभी गंभीर चिंता करनी पड़ सकती है। आप जब कभी बिना सोचे-समझे काम करेंगे तो सामने परेशानी आ सकती है। माता को कष्ट रहेगा, मौत तक भारी समय आयेगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. 24 वर्ष की आयु में मुफ्त पानी दान का साधन कायम न करें।
  2. किसी को अपना भेद न बताएं।
  3. सूर्यास्त के बाद दूध न पियें।

उपाय:

  1. शमशान-अस्पताल में पानी का साधन कायम करना शुभ है।
  2. माता को कष्ट के समय खरगोश पालें।
  3. चन्द्र ग्रहण में 4 सूखे नारियल जल प्रवाह करें।

सातवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा सातवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आपको सुंदर पत्नी का सुख प्राप्त होगा। आप नेता, वकील, व्यापारी बन सकते हैं। खेती की जमीन से भी लाभ मिलेगा। मध्यम पढ़ाई का योग है। आपके घर में जल तथा दूध की व्यवस्था हमेशा रहेगी। आप स्वयं लक्ष्मी अवतार होंगे। आपकी योगाभ्यास, शायरी और ज्योतिष विद्या में रुचि होगी। आप आस्तिक और ईश्वर भक्त होंगे। आप सरकारी सर्विस में होंगे तो प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। उत्तम वाहन सुख मिलेगा। दुनियादारी से मोहभंग हो जाएगा। आध्यात्म का फल श्रेष्ठ रहेगा। आप अपने पराक्रम से मिट्टी से सोने पैदा कर सकते हैं। धन-दौलत, जेवरात आदि की बरकत होगी। आपको सरकार से या किसी संस्था द्वारा सम्मान मिलेगा या आप विदेश में अधिक समय व्यतीत करेंगे। विदेश की यात्रा करेंगे। ईश्वर की भक्ति प्राप्त होगी। आपको जल से संबंधित चीजों से लाभ होगा। आप नये विषयों की खोज भी करेंगे।

यदि आपने परस्त्री से अनैतिक संबंध रखे, भूत-प्रेत की सिद्धि की, मादक चीजों-द्रव्यों का प्रयोग किया। माता या स्त्री से झगड़ा किया, 24-25 वर्ष आयु में विवाह हुआ तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से 2 वर्ष तक माता का स्वास्थ्य ढीला रहेगा या माता से अलग रहना पड़ सकता है। विवाह के बाद माता के सुख में कमी आ सकती है। माता का विरोध करना आपके लिए अशुभ होगा। आपको 24वें वर्ष में विवाह करना भावी संतान के लिए प्रतिकूल होगा। आपका चाल-चलन संदेहपूर्ण होगा। दूध और पानी को बेचने से संतान सुख में बाधा हो सकती है। आपकी पत्नी और आपकी माता का आपस में झगड़ा रहेगा, पत्नी से संबंध विच्छेद या दूरी का भय रहेगा या हो सकता है। मादक चीजों/द्रव्यों के प्रयोग से आपकी बर्बादी होगी।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चाल-चलन ठीक रखें।
  2. दूध-पानी माल न बेचें।

उपाय:

  1. दूध पानी का दान करें।
  2. विवाह के बाद पत्नी की डोली आपके घर में आने से पहले पत्नी के वजन के बराबर चावल या दरिया का पानी कायम करें।

आठवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा आठवें घर में पड़ा है। इसकी वजह से आपकी औलाद पर अच्छा असर पड़ेगा। आपको पुत्र सुख निश्चय प्राप्त होगा। कृषि कार्य तथा आपकी पत्नी से विशेष मदद की आशा है। बहुत सी मुश्किलों को आप आसान कर सकते हैं, आपके जीवन के 34 साल तक समय साधारण रहेगा। विवाह के बाद आपका भाग्य चमक सकता है या 34 वर्ष के बाद भाग्य चमकेगा। आप ईर्ष्यालु, रोगी, पिता या माता दोनों में से किसी एक के सुख से वंचित रहेंगे। धन कमाने में माहिर होंगे। ननिहाल-ससुराल का सुख मिलेगा। आप माता-पिता की सेवा करेंगे। आपको बुजुर्गों की संपत्ति मिलेगी।

यदि आपने दिल में छल-कपट रखा, सट्टा-जुआ आदि खेला, बुजुर्गों के नाम पर श्राद्ध बन्द किया, ननिहाल/ससुराल में झगड़ा किया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से आपकी सोच निराशाजनक या निराशात्मक भी हो सकती है। मन की शक्ति कमजोर या क्षीण होगी। आपके जन्म समय में माता को बहुत कष्ट हुआ होगा या माता का आप्रेशन हो, ऐसी संभावना है। आप कर्म-धर्म हीन हो जाएंगे, बाधाएं बढ़ेंगी। घर से बेघर होना पड़ सकता है। चरित्रहीन औरतों की संगति से आप बर्बाद हो सकते हैंे। परिवार में दमे या मिरगी की बीमारी होने का भय है, पितृदोष से पुत्र का सुख नहीं मिल पाएगा। आप यदि जौहरी का काम करेंगे तो बुरा असर होगा। अकारण लोगों से शत्रुता हो सकती है। झूठ-जूठ आपकी आयु को कम कर सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. रात्रि के समय दूध न पीयें।
  2. छल कपट न करें।

उपाय:

  1. मीठा भोजन या केसर-दाल चना या गुड़-गेहूं धर्मस्थान में देवें।
  2. स्वर्गवासी बुजुर्गों के नाम पर श्राद्ध करें या अमावस्या के दिन दूध-खीर दान करें।

नौवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में नौंवे खाने में चंद्रमा पड़ा है। इसकी वजह से आप दुःखियों के हमदर्द, समाज में आदरणीय, पैतृक जायदाद मिलेगी और उससे अधिक लाभ होगा। हर प्रकार से जीवन उत्तम बीतेगा। आपके जीवन के 24वें वर्ष में चंद्रमा का अच्छा फल मिलेगा। आप घूमने-फिरने के शौकीन होंगे। तीर्थयात्रा भी करेंगे। आपका स्वभाव सरल, संगीत में रुचि रखने वाले, धार्मिक और कुशल कार्यकर्त्ता होंगे। आप गणित विद्या के माहिर होंगे। आप धर्म का पालन करेंगे। आपको अच्छी संतान का सुख नसीब होगा। आपके धन-दौलत में बरकत होगी। 34 वर्ष की आयु के बाद साधारण लेकिन 48 वर्ष की आयु के बाद आर्थिक हालात अच्छी हो जाएगी। आप विदेश का सफर करेंगे। दान-धर्म के कार्यो में पूरी दिलचस्पी रखेंगे। पिता के प्रति अच्छा व्यवहार रहेगा। पिता का पूरा सुख नसीब होगा। कभी-कभी आपसे गलत काम हो सकते हैं इसका विशेष ध्यान रखें। स्वभाव से साधू तथा व्यवहार में नम्र होंगे। यदि सिंह बन कर रहना चाहें तो उथल-पुथल होती रहेगी। आपके लिए नम्र बन कर रहना ही शुभकारक है। आप जीवन में तरक्की की चोटी तक पहुंच जाएंगे।

यदि आपने धार्मिक कार्यों के विरुद्ध कार्य किया या धर्म के नाम पर चंदा मांगा, माता को कष्ट दिया या माता का विरोध किया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से आपकी अक्ल धोखा देगी, आपका छोटा दिल होगा और आवारा घूमने से हानि होगी। चांदी-पानी-चावल आदि सफेद वस्तुओं का कार्य हानि देगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. परस्त्री से अनैतिक संबंध न रखें।
  2. झूठ-झूठ से दूर रहें।

उपाय:

  1. तीर्थ यात्रा करें या धार्मिक कार्य करें।
  2. चंद्र ग्रहण के समय 4 सूखे नारियल जल प्रवाह करें।

दसवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा दसवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आप कुल की नैया पार लगायेंगे। आपको चीर-फाड़ के या सर्जिकल के सामान से अधिक लाभ होगा। आप चिकित्सक होकर भी डॉक्टर का काम नहीं करें। यदि डाक्टर बन कर डाक्टर का कार्य करते हैं तो अपने पास से दवाई न देवें। आपको माता-पिता का पूरा सुख मिलेगा। आपको मकान और ससुराल वालों से लाभ मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा।

यदि आप डाक्टर हैं और अपने पास से रोगी को लिक्विड दवाई दी, समाज विरोधी कार्य किये, बड़े-बुजुर्गों का अपमान किया, रात के समय अपने मकान की नींव रखी तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से आपकी प्रेमिका या विधवा स्त्रियों के कारण धन की बर्बादी होगी। आप अपने जीवन में धोखेबाजी और तैरते को पानी में डुबाने वाले होंगे। आपको दुर्घटना का शिकार भी होना पड़ सकता है। किसी भी औरत के साथ नाजायज संबंध आपकी बर्बादी का कारण बन सकता है। आपका मां से अच्छा सलूक नहीं रहेगा। दवाई के व्यापार से हानि होगी। आपको चोर-डाकू, जुआरी एवं शराबी लोगों से नुकसान हो सकता है। नौकरी-व्यापार में बार-बार तबदीली का योग है। आपकी माता को 10 वर्ष बीमारी हो सकती है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चोर-डाकू से संबंध न रखें।
  2. सूर्यास्त के बाद दूध न पीयें।

उपाय:

  1. दूध को फटा कर दूध का पानी पीयें (खराब सेहत के समय)
  2. सूर्यास्त के बाद दूध न पियें।

ग्यारवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा ग्यारहवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से विद्या का पूरा लाभ उठायेंगे जो आगे आने वाले समय में शुभ रहेगा। अगर आप रात्रि समय विद्या पढ़ें तो लाभ हो सकता है। आपके पास  सुख के सब साधन उपलब्ध रहेंगे। सत्ता का श्रेष्ठतम फल प्राप्त होगा। 32 वर्ष की उम्र तक लगातार धन आता रहेगा। आपको स्त्रियों का सहयोग मिलेगा और स्त्री से लाभ प्राप्त होगा। आमदनी में बरकत होगी।

यदि आपने शुक्रवार विवाह किया या रात्रि समय विवाह के फेरे लिए, प्रभात समय दान दिया या लिया, बुधवार को नया काम शुरु किया, शनिवार मकान मशीनरी खरीदी तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से विद्या में रुकावट आयेगी। संतानोत्पत्ति में बाधा होगी या आपको पुत्र प्राप्ति में बाधा आ सकती है। कामशक्ति की दुर्बलता रहेगी (कामशक्ति में कमजोरी के समय किसी वैद्य की सलाह से सोना युक्त दवाईयां या दूध से बनी चीजों का इस्तेमाल करें)। आपकी माता देर से आपके पुत्र का सुख देखेंगी। आपकी स्त्री को जब बच्चा पैदा होने वाला हो तो आपकी माता वहां से कहीं और चली जाएं या आपकी स्त्री अपने मायके में बच्चा पैदा करे। आपकी माता जन्म के बाद आपके बच्चे को 43 दिन तक आखों से न देखें या हाथों में न उठायें कर तो आपकी माता और आपके बच्चे की लम्बी आयु रहेगी वरना एक की आयु क्षीण हो जाएगी। आपका या आपकी माता की आंखों के आप्रेशन का भय है। आपके दादी-माता से अधिक मधुर संबंध नहीं रहेगे। आप दुश्मन से परेशान रहेंगे। आपके जीवन में उत्थान-पतन के भी योग आ सकते हैं। आपके भाई-बंधु एवं संपत्ति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. विद्या अधूरी न छोड़ें।
  2. चाल-चलन ठीक रखें।

उपाय:

  1. भैरों मंदिर में दूध चढ़ावें या मजदूर पेशा आदमी को दूध पिलायें।
  2. माता का स्वास्थ्य खराब हो तो 11-11 खोये के पेड़े 11 बच्चों मे बांटें।
  3. घर में छत के नीचे नदी का पानी रखें।

बारहवें खाने का चंद्रमा  : यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा बारहवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आपके मन की बहुत बातें पूरी नहीं हो सकती हैं या तरस-तरस कर सभी काम बनेंगे। आपकी पढ़ाई-लिखाई बहुत अच्छी होगी और आप बहुत होशियार रहेंगे। एक बात पर कायम नहीं रहेंगे या आपको बात करते-करते बात बदलने की आदत होगी। आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं रहेगी। पढ़ाई-लिखाई का उपयोग आपके जीवन में कम होगा। वर्तमान समय अच्छा गुजरता रहेगा। भविष्य की बातें स्वप्न में देखेंगे। लोग आप पर विश्वास करके अपना भेद भी बता देंगे। आप उनकी बातों को गुप्त रखेंगे। आपके आश्वासन से लोगों को राहत मिलेगी। आप अपने पूर्वजों के हालात बढ़ा-चढ़ा कर बताएंगे। अपनी कमाई का धन जमा रहेगा। 48 वर्ष आयु के बाद बहुत सुखी रहेंगे।

यदि आपने घर में हैंड पंप या पानी का साधन छत के नीचे रख, नीम का वृक्ष काटा, चाल-चलन ठीक न रखा, बुजुर्गों के काम को नष्ट किया तो आपका चंद्रमा मंदा हो सकता है या किसी कारण वश चंद्रमा मंदा हो गया हो तो चंद्रमा के मंदे असर से आप बीते समय को याद करके अपना समय खराब करेंगे। जीवन में ऐसे काम भी हो सकते हैं जो अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसे होंगे। जमीन-जायदाद आदि का कोर्ट में झगड़ा होगा, फैसला बहुत देर बाद होगा और आपके हक में होगा। आपकी संतान निकम्मी हो सकती है। आपकी पैतृक संपत्ति नष्ट हो सकती है और आप मुसीबत पर मुसीबत उठायेंगे। खुशी के बाद की घटना खुशी को समाप्त कर देगी। आपकी आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। दिमागी परेशानियों के कारण नींद हराम हो सकती है। मातृ सुख का अभाव हो सकता है। आपको पानी से भय है आप अपनी और ससुराल की संपत्ति पर भारी पड़ेंगे। धन का नाश कर देंगे। आपके जीवन में दुःख का कारण परस्त्री हो सकती है। इस मामले में आप दुर्बल हैं। आप आलसी, धनहीन एवं अस्वस्थ्य रहेंगे आपको हर प्रसन्नता के बाद कोई न कोई दुःख भोगना पड़ सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. छत के नीचे हैंड पंप आदि न लगायें।
  2. बीता हुआ समय याद न करें।

उपाय:

  1. नीम के वृक्ष का पानी घर पर रखें।
  2. 16 लीटर वर्षा के पानी में चांदी के चार चौरस टुकड़े को डाल कर रखें।
  3. आसमानी बर्फ (ओले) शीशे के बर्तन में रखें

Acharya Anupam Jolly

आचार्य अनुपम जौली, यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है और अब आचार्य जी ने रमल शास्त्र पर अपनी कुछ अत्यंत विशिष्ट खोज करके यह साबित कर दिया कि कालांतर में विलुप्त हो चुकी हमारी अद्भुत एवं दिव्य ज्ञानवर्धक विद्यायें हमारे लिए बेहद लाभदायक थीं। जिन्हें अल्पज्ञान के चलते आप और हम नजऱ अन्दाज कर बैठे हैं।

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