Lal Kitab Rahu

राहू ग्रह के लाल किताब उपाय

Lal Kitab Remedies for Rahu

हम सभी जानते है की कुंडली में कुल बारह भाव होते है l आप अपनी कुंडली में खुद ही देख सकते है की किस भाव में कौन सा ग्रह ख़राब है , और उसका उपाय कैसे करें l प्रस्तुत लेख में राहू ग्रह के बारह भावों के लालकिताब उपाय दिए जा रहे है, यदि उस भाव में दशा अन्तर्दशा में राहू के दुष्परिणाम दिखाई दे रहे हो तो आप निम्न उपाय कर सकते है और उसके अच्छे परिणामों में हमें परहेज रखना होगा l

पहले खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के पहले खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से आप धनवान तथा श्रेष्ठ शासनाधिकारी होंगे। अगर सरकारी अधिकारी हुए तो राजदरबार में आपका बहुत सम्मान होगा।

आपके ननिहाल वाले आपके जन्म के बाद अमीर होंगे। आपका जन्म ननिहाल या अस्पताल में हुआ होगा या जन्म के समय आकाश पर बादल छाये हुए होंगे, ऐसी आशंका है। 42 वर्ष की उम्र तक समय मध्यम है जो कुछ भी बुरा हुआ होगा, इसके बाद बहुत अच्छा और शुभ रहेगा। आपका जन्म जिस घर में होगा उस घर के सामने घर में उजाड़ हो जाएगा। आपकी रोजी-रोटी के लिए दूसरा काम भी चालू रहेगा। यदि एक काम या नौकरी छूटेगी तो दूसरी नौकरी या व्यवसाय चालू हो जाएगा। आप धनी होंगे। आपको संतान सुख अच्छी या बुरी अवश्य मिलेगी। आपके लिए हर समय बोलते रहना अच्छी बात नहीं है। आपमें बेईमानी और धोखेबाजी की आदत भी विद्यमान रहेगी। जीवन में कई परिवर्तन आएंगे। माता और मन की शांति के लिए शुभ रहेगा।

यदि आपने विवाह के बाद ससुराल से लोहा, बिजली का समान, काले-नीले कपड़े मुफ्त या दान में लिये, मकान के आंगन में धुआं किया, बिल्ली की जेर, चमड़े के पर्स में रखी तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आपके बनते कामों में रुकावट, तरक्की कम मगर बदला-बदली अधिक बार होगी। 11-21-42 वर्ष आयु में पिता के लिए समय अशुभ, परिवार में किसी को दमा-मिरगी का रोग हो सकता है। आप शरारती, आवारा और नास्तिक स्वभाव के होंगे।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. आंगन में धुआं न करें।
  2. पेट मोटा न हो, विशेष ध्यान रखें।

उपाय:

  1. धर्म स्थान में गुड़-गेहूं दान देवें।
  2. दूध से स्नान करें।

द्वितीय खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के दूसरे खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से आपको पूरी मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। आप राजशाही जीवन बिताएंगे। आप दीर्घजीवी होकर ऐश की जिंदगी बिताएंगे। युवावस्था में किसी चीज की कमी नहीं रहेगी। आपकी स्त्री रूपवान एवं सुशील होगी। आप उस्तादों के भी उस्ताद होंगे। गृहस्थी अच्छी चलेगी। आपको अधिक धन प्राप्त होगा। माता के साथ मधुर संबंध, ससुराल पक्ष का सुख अच्छा हो सकता है। चोरी से सावधान रहें। पैतृक संपत्ति नहीं के बराबर प्राप्त होगी मगर अपनी कमाई द्वारा अधिक संपत्ति बना लेंगे। परिवार के लोग सुखी रहेंगे। आपके धन कोष में बहुत वृद्धि होगी। किस्मत का असर शुभ और अशुभ दोनों हालातों में ऊपर-नीचे होता रहेगा।

यदि आपने घर में मंदिर रखा, सरसों का कार्य किया, मादक चीजों-द्रव्यों का प्रयोग किया या जुआ आदि खेला, ससुराल या साले का विरोध किया तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आप उदर रोग अर्थात् आंत रोग के मरीज होंगे। धर्मस्थान में चोरी आपके हाथों हो सकती है। आपका जीवन निर्वाह धर्मस्थान से प्राप्त अन्न से  होगा। आप दान की हुई वस्तु लेने में तनिक भी नहीं हिचकेंगे या मुफ्त की वस्तुएं प्राप्त होती रहेंगी। आर्थिक एवं पारिवारिक सुख में कमी आ सकती है। आपकी कमाई का कुछ भाग खराब हो सकता है। आपको पुलिस का भय रहेगा। सजा सुन कर या सजा सुनने से पहले फरार हो जायेंगे, कैदी कभी न होंगे, ऐसी आशंका है। फौजदारी मुकद्दमें में हानि होगी।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. सट्टा, जुआ आदि न खेलें।
  2. धर्मस्थान में रिहाईश न करें/न जायें।

उपाय:

  1. चांदी की ठोस गोली गले में धारण करें।
  2. केसर या हल्दी का तिलक करें या शुद्ध सोना पहनें।

तृतीय खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के तीसरे खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से आपका भविष्य उज्जवल रहेगा। आपका सितारा बुलंद रहेगा। आपके सामने दुश्मन सिर नहीं उठा सकेंगे। आप भविष्य में जीवन में घटने वाली घटना को पहले ही जान जाएंगे। किसी भी घटना के बारे में भविष्य का हाल दो वर्ष पहले जान जाएंगे। आपके सभी अरमान पूरे होंगे। आपकी कलम से लिखी बात में तलवार से भी पैनी धार साबित होगी। काफी धन-संपत्ति के स्वामी और शत्रुहंता होंगे। संतान का पूरा सुख मिलेगा। आपके जीवन का 22वां वर्ष उन्नतिकारक होगा। आप शाही जीवन बिताएंगे। आप धर्म में कम श्रद्धा रखेंगे। आप अपनी उम्र में पूरी तरह सुखी होंगे। आपका हौसला बुलंद रहेगा। आप दिलेर और निर्भय रहेंगे। आपकी गिनती बड़े लोगों में होगी। पत्नी-दौलत का अच्छा सुख मिलेगा। आपकी औलाद भी धनवान होगी।

यदि आपने अपने पास या घर में हाथी दांत रखा, हाथियों के 3-3 खिलौने रखे, हाथियों से संबंधित कामों का व्यापार किया, बहन-बेटी-लड़की का धन प्रयोग किया तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से घर में कोई स्त्री विधवा हो सकती है। आपके भाई के लिए इस ग्रह का फल मंदा रहेगा। आपका भाई धोखाधड़ी करके आपका धन हड़प लेगा। आप पर कर्ज का बोझ पड़ेगा परंतु अपनी बुद्धिमता से कर्ज का बोझ उतार लेंगे। नौकरी-व्यापार में परेशानी होगी, संतान पर 34 वर्ष आयु तक बुरा फल हो ऐसी आशंका है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. हाथी दांत पास न रखें।
  2. तीन-तीन हाथी के खिलौने घर में न रखें।

उपाय:

  1. ठोस चांदी घर में न रखें।
  2. कन्याओं की सेवा या दुर्गा पाठ करें।

चतुर्थ खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली में राहु चौथे खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आप सर्वगुण संपन्न, धनवान, और आयुवान होंगे। आप तीर्थ यात्रा करेंगे। आप एक सज्जन पुरुष होंगे तथा अपना जीवन सुख से बितायेंगे। आप अपार धन-संपत्ति के मालिक बनेंगे। आपको अपने सगे संबंधियों से भी धन-दौलत प्राप्त होगी। आप दूसरों की भलाई करेंगे आप भले लोगों की गिनती में गिने जाएंगे। आप धर्मात्मा, वाहन सुख से युक्त हांेगे। आप अपनी बहन और पुत्री पर धन खर्च करेंगे। आपको ससुराल से भी धनागम होता रहेगा। आपको सरकार पक्ष से पूरा लाभ होगा तथा अपनेे बुजुर्गों का घर भर देंगे। ससुराल में भी धन की वृद्धि होगी। आप के पास 24 वर्ष की उम्र के बाद धन एकत्र होगा, गरीबी दूर हो जाएगी और धन की वर्षा होगी। आपके पिता और आपके पुत्र पर अच्छा असर पड़ेगा परंतु माता के लिए अशुभ होगा। आपके पास भूमि, भवन, वाहन सभी प्रकार के सुख-संसाधन उपलब्ध होंगे। यदि आप सरकारी महकमे में कार्यरत होंगे तो सरकारी महकमे में बड़े अफसर होकर अच्छा ओहदा प्राप्त करेंगे। आप जन्म भर सुखी रहेंगे। बंदूक-पिस्तौल आदि रखने का शौक होगा।

यदि आपने पाखाने की जगह बदली, घर की छत पर लकड़ी के कोयले रखे, सीढ़ियों के नीचे रसोई बनाई, माता की आयु की स्त्रियों से संबंध रखे तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आपके जीवन का 34वां वर्ष कष्टकारी होगा। माता को कष्ट की आशंका है। आप माता का विरोध करेंगे। ससुराल, ननिहाल के लिये अशुभ रहेगा, राजदरबार में हानि, दो विवाह योग या पत्नी के साथ रखैल रखें, ऐसी शंका है। रखैल पर धन बर्बाद करके अपना जीवन नष्ट कर लेंगे। आपको वाहन दुर्घटना का भय रहेगा। दिन में स्वप्न देखने वाले होंगे।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. माता की आयु की स्त्री से अवैध संबंध स्थापित न करें।
  2. गंगा नदी में स्नान न करें।

उपाय:

  1. घर पर गंगा जल से स्नान करें।
  2. सूखा धनिया जल प्रवाह करें।

पंचम खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के पांचवें खाने में राहु पड़ा है। आपकी 21 वर्ष आयु में प्रथम पुत्र और 42 वर्ष आयु में दूसरा पुत्र पैदा होगा। आपको पुत्रों का सुख मिलेगा, उम्मीद है। औलाद मूर्ख और आप ब्रह्मज्ञानी होंगे। आपकी औलाद से अधिक सुखी जीवन आपके पोते-पड़पोते का होगा। आप चंचल और अस्थिर बुद्धि के होंगे। आपकी माता का संपूर्ण जीवन बड़ा सुखमय समय रहेगा। धन-संपत्ति और औलाद में वृद्धि होगी। आपको भाई का सुख मिलेगा। आप परिवार और माया की ओर से सुखिया होंगे। धर्म-मर्यादा के मालिक होंगे। व्यापार आपके लिये सब उत्तम धन कमाने का साधन होगा, राज्याधिकारियों से लाभ होगा।

यदि आपने पत्नी से अच्छे संबंध न रखे, उससे तलाक लिया, बुजुर्गी मकान की दहलीज खराब कर ली, पिता या ससुर से झगड़ा किया तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आप बचपन में शरारती होकर पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगाएंगे। शिक्षा अधूरी रह जाएगी या मन के मुताबिक पढ़ाई नही कर सकेंगे। संतान जन्म से 12 वर्ष पत्नी का स्वास्थ्य खराब रहेगा। पहली संतान नहीं बचे ऐसी शंका बनती है। पत्नी से तलाक या जुदाई हो, ऐसी शंका है। पत्नी से तलाक/जुदाई की तो संतान का सुख न मिलेगा। आप पाप कर्म में रत हो सकते हैं। आपको पुत्र का सुख न मिले। आपकी सेहत बिगड़ सकती है तथा बेकार का धन खर्च होगा। आपकी आंखों की दृष्टि में भी कोई दोष उत्पन्न हो सकता है। आपके काम करने का ढंग भी स्थिर नहीं रहेगा। काम की चीजों को भी इधर से उधर करते रहेंगे। अस्थायित्व और चंचलता के आप शिकार होंगे। आपका बड़ा भाई अमीर या निःसंतान होगा, ऐसी आशंका है। समय साढ़े दस, 21-42वां वर्ष पिता या ससुर की आयु पर भारी रहेगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चाल-चलन ठीक रखें।
  2. दूसरा विवाह न करें।

उपाय:

  1. चांदी का ठोस हाथी घर पर रखें।
  2. बुजुर्गी मकान की दहलीज के नीचे चांदी की पत्ती लगाएं।

नोट: यदि दक्षिण दिशा के मुख्य द्वार वाले मकान में रिहाईश हो तो भी उपरोक्त उपाय जरूर करें।

षष्ठ खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली में राहु छठे खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आप शत्रुहंता होंगे। आप भाग्यवान और धनवान होंगे। आप बहादुर होंगे। आप किसी व्यक्ति को फंासी की सजा से बचाने में मदद्गार होंगे। आप स्वयं शक्तिशाली होंगे। आपके मान-सम्मान, धर्म-ईमान के लिए राहु का शुभ प्रभाव रहेगा। आप विदेश की यात्रा करेंगे। आपमें अहंकार की भावना रहेगी। ऐशो आराम की सभी चीजें प्राप्त होंगी। किसी प्रकार की मुसीबत का असर आप पर लंबे समय तक नहीं रहेगा। आपकी दिमागी हालत ऊंचे दर्जे की होगी।

यदि आपने चाचा से झगड़ा किया, बिना लाइसेंस की पिस्तौल-बंदूक रखी, भाई की हत्या की या भाई से झगड़ा किया तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारणवश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से घर में किसी की आपके जन्म के कुछ दिन के बाद मृत्यु हो जाये ऐसी शंका है। भाई का अहित करने से आपकी औलाद पर बुरा असर पड़ेगा। आपकी आवारा और बदमाश लोगों से दोस्ती होगी। नीच स्तर की स्त्री का साथ आपको नीच बना सकता है। आप अचानक धन-संपत्ति को बर्बाद करेंगे या लुटा देंगे ऐसी शंका है। बड़े भाई या बहन से लड़ाई-झगड़ा करें तो खुद बर्बाद हो जाएंगे। आपके जीवन में अग्नि, रोगभय या धन नाश की आशंका है। आप नामी चोर भी, सजा का भय क्यों, ऐसी कहावत आप पर लागू हो सकती है। आपको गोली लगने का भय है। आपके चाचा की मौत के बाद आपका घर बर्बाद हो जायेगा। यदा-कदा आप अपने हितैषी का भी नाश करने पर तुल जाएंगे। यदि आप कभी बीमार हो जायें जो आपकी खबर लेने आयेंगे वह भी बीमार होकर जायेंगे। संतान से दुःखी होंगे या संतान को क्या कष्ट है उसका पता न चलेगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. चोरी न करें।
  2. भाई से झगड़ा न करें।

उपाय:

  1. काला कुत्ता पालें या काले कुत्ते को भोजन का हिस्सा खिलायें।
  2. 6 सिक्के की गोलियां पास रखें।

सप्तम खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के सातवें खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से 21 वर्ष के पहले या 29वें वर्ष विवाह हो जाए तो बुरे फल की आशंका बनती है। आपका संबंध राजनीतिज्ञों से रहेगा। अगर आप सरकारी विभाग में सेवारत हैं तो सरकारी विभाग में पदोन्नति एवं पुरस्कार मिलने की आशा है। धन और मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। आप बिजली के काम, पुलिस या जेल विभाग की नौकरी से आजीविका चला सकेंगे। शेयर/लाटरी में दिवालिया हो सकते हैं। आपको कन्या संतान का सुख विवाह के बाद जल्द ही परंतु पुत्र सुख में विलंब हो सकता है। विदेश की यात्रा भी हो सकती है। आप जन्म स्थान से बाहर रह कर ही सुखी रह सकेंगे। यदि आप अपने धन पर नियंत्रण नहीं रख सके तो सगे-संबंधी निश्चित रूप से धन की क्षति करने में पीछे नहीं रहेंगे।

यदि आपने अपने पास दोहता रखा या कुत्ता पाला, समाज में बदनामी के कार्य किये, पत्नी से मार-पीट की तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से भाई-बन्धु आपकी संपत्ति खा जाएंगे। भाई द्वारा भी आपके धन का दुरुपयोग हो सकता है। आपको साझेदारी के व्यवसाय, बिजली के सामान की दुकानदारी या व्यवसाय से हानि की आशंका है। पुलिस, जेल विभाग की नौकरी में धोखा-धड़ी की तो आपकी आयु क्षीण होगी। पत्नी से मन-मुटाव रह सकता हैं इसका कारण आपका शंकाग्रस्त रहना बताता है। पत्नी से जुदाई मुकद्दमेबाजी हो ऐसी शंका है। आपको राजदरबार से परेशानी या काम काज में रुकावट नहीं आएगी। आपके जीवन में आपकी बदनामी भी हो सकती है। जीवन में संघर्ष रहेगा। पारिवारिक दशा बहुत अच्छी नहीं रहेगी। धन-संपत्ति एवं पत्नी के सुख में अभाव रह सकता है। कोई गर्भपात संभव है। पत्नी को सिरदर्द की बीमारी रहेगी।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. घर में कुत्ता न पालें।
  2. बिजली, पुलिस व जेल विभाग में काम न करें।

उपाय:

  1. घर में 2 चांदी की ईंटें कायम करें।
  2. नारियल का दान करें।
  3. चांदी की डिब्बी में चांदी का चौरस टुकड़ा रख कर गंगा जल भर कर रखें।

अष्टम खाने का राहू :  यदि आपकी जन्मकुंडली के आठवें खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से आप को अकस्मात धन का लाभ भी मिलेगा। 28 वर्ष की आयु में भाग्य परिवर्तन के अच्छे योग हैं। आपको कोई मदद करन वाला नहीं होगा मगर आप स्वयं अपने हौसले और परिश्रम से प्रगति करेंगे। आप दिलेर हैं। परिवार में आपकी इज्जत बहुत होगी। आपके काम-काज और रोटी के साधन परिवर्तनशील हैं। आप अपनी मदद स्वयं करेंगे क्योंकि आपका कोई मदद्गार नहीं होगा। आपका सोया हुआ भाग्य जागेगा तो उजड़े खजाने भी भर देगा। ऐशो-आराम के सभी सामान उपलब्ध होंगे।

यदि आपने काले काने, निःसंतान, गंजे या अंगहीन व्यक्ति से झगड़ा किया, दक्षिण दिशा के मुख्य दरवाजे वाले मकान में रिहाईश की, घर में रसोई दक्षिण दिशा में रखी, तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आपकी मृत्यु दुर्घटना से संभव है। जन्म के आठवें माह के बाद ही शरीर कष्ट प्रारंभ हो सकता है। आपको धन के झगड़े में नुकसान हो सकता है। आपको बेबसी रोग से कष्ट की आशंका है। पेट बड़ा या पेट में कीड़े की शिकायत भी हो सकती है। आपके जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। बेईमानी से कमाये धन से आपको आठ गुणा हानि हो, ऐसी आशंका है। अच्छे खानदान में जन्म लेकर भी काफिर बनेंगे या बुरी सोहबत से बदनामी मिलेगी। कई बार नीच कर्म भी करना पड़ सकता है। आप बेहाल रहेंगे। अचानक धन की हानि, बीमार और दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका है। आपकी अकस्मात् मृत्यु संभव है। आपके पिता के लिए अशुभ तथा जद्दी मकान में भी क्षति के योग हैं। यात्रा में भी कोई क्षति की आशंका बनती है। कान, टांग और रीड़ की हड्डी, पांव आदि पर बुरा असर पड़ सकता है। बिजली, जंगल और पुलिस विभाग की नौकरी से हानि होगी। लोगों का भला करें, बुराई पायें। बुरे कामों के कारण सजा सुनने से पहले या सजा पाने के बाद फरार होंगे।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. दक्षिण की दीवार में रसोई न रखें।
  2. दक्षिण दिशा के द्वार वाले मकान में रिहाईश न करें।

उपाय:

  1. चांदी का चौरस टुकड़ा पास रखें।
  2. 8 चौरस सिक्के के टुकड़े जल प्रवाह करें।

नवम खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के नौंवे खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से आप धर्म-कर्म पर कम विश्वास करेंगे। यदा-कदा नास्तिक जैसा व्यवहार करेंगे। आपकी मान-प्रतिष्ठा को धक्का लग सकता है। भाई-बहन के साथ अच्छा संबंध रखना शुभ और लाभकारी है। धर्म-कर्महीन होने से भाग्य संतान का अभाव रह सकता है। शनि की चीजों के व्यवसाय से लाभ होगा। संतान से अच्छा संबंध बनाए रखने से आपको लाभ होगा। संतान और धन में बरकत होगी। जादू-मंत्र जानने में रुचि रहेगी। पागलों के डाक्टर या सरसाम रोग की महारथ आपको हासिल होगी।

यदि आपने धर्म विरुद्ध कार्य किये, डाक्टर होकर लालच किया, परिवार से अलग रहना शुरु किया, आपके मकान के पास जोहड़ हुआ या मकान का गंदा पानी मुख्य द्वार की दहलीज के नीचे स निकलता रहा तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से अदालती झगड़े और संतान कष्ट की आशंका है। बुजुर्गों की सेहत पर गलत असर पड़ सकता है। आपकी पत्नी का गर्भपात भी हो सकता है। आपके ससुर, पिता और दादा आपकी वजह से तबाह हो सकते हैं। भाई-बंधु तंग करते रहेंगे। आप पागलों का इलाज कर सकते हैं। आप साधू-फकीर के साथ रह कर फिजूल खर्ची करेंगे। आप यदि बड़े लोगों से झगड़ा करें तो स्वास्थ्य और संतान पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है। आपका ससुराल में साथ रहना या ज्यादा संबंध रखना हानिकारक है। आपको तीर्थ यात्रा करने में बाधा उत्पन्न होगी। कैद या बंधन में नहीं रह सकते फरार हो सकते हैं। आप दान करना भी पसंद नही करेंगे।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. साधू-फकीर का साथ न रखें।
  2. परस्त्री से संबंध कायम न करें।

उपाय:

  1. शरीर पर शुद्ध सोना पहनें।
  2. धर्म स्थान में सिर झुकावें।

दशम खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली में राहु दसवें खाने में पड़ा है। इसकी वजह से आप शील संपन्न, अच्छे स्वभाव के, शूरवीर, साहसी होंगे। आपका हर काम सराहनीय होगा। आपके उच्च विचार होंगे। आपको सबसे यथोचित सम्मान मिलेगा। आप बड़े कारखाने के मालिक होकर या उच्च पद पर रह कर बहुत बड़ी संपत्ति कमाएंगे। आपके जीवन में राजयोग रहेगा और अच्छा सुख प्राप्त होने की उम्मीद है।

आप निश्चित ही बड़े व्यापारी और धनवान होंगे। फिजूल के खर्चों से सावधान रहें। धन-दौलत का अच्छा असर रहेगा। सिर के बाल जल्दी सफेद हो जाएंगे मगर उनको डाई न करें। आपका चरित्र बहुत ऊंचा होगा।

यदि आपने अपना सिर नंगा रखा अर्थात् सिर पर टोपी/पगड़ी न रखी, मौके के आफिसर से झगड़ा किया, अपने परिवार को तोड़ा तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से माता-पिता को कष्ट की आशंका है। शरीर में कोई विकार उत्पन्न होगा। धन-संपत्ति का नुकसान हो सकता है। आपमें कोई न कोई व्यसन विद्यमान हो सकता है, सावधान रहें। आप अपने हाथों संपत्ति को बेच भी सकते हैं। आपकी तंगदिली से दूसरों के साथ बैर पैदा हो सकता है। परिवार के लोगों से अनबन रहेगी। माता के लिए कष्टकारक समय भी आ सकता है। आंखों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। सिर दर्द से आपकी परेशानी बढ़ सकती है। कोई काला आदमी आपकी धन-संपत्ति का नाश कर सकता है। ऊंची जगह से गिरने का भय, सरकारी अधिकारी से झगड़ा करने पर जुर्माने आदि का भय, बीमारी पर धन का खर्च हो सकता है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. सिर पर सूर्य की रोशनी न पड़े अर्थात् नंगा सिर न रखें।
  2. मौके के अधिकारी से झगड़ा न करें।

उपाय:

  1. सिर पर सफेद टोपी या शरबती पगड़ी टोपी जरूर पहनें।
  2. जौ अंधेरी जगह में बोझ के नीचे दबायें।
  3. मीठा भोजन अंधों को बांटें।

एकादश खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के ग्यारहवें खाने में राहु पड़ा है। इसकी वजह से आपका बचपन खुशहाली से बीतेगा। आपको उच्च शैक्षणिक संस्थान में विद्याध्ययन का मौका मिलेगा। आपको पिता का उत्तम सुख प्राप्त होगा। आप बिना माता-पिता के सहयोग के भी आगे बढ़तें रहेंगे। आप ताकतवर और न्यायप्रिय होंगे। आप अपनी कमाई पर ही जीवन बसर करेंगे। माता-पिता से मधुर संबंध में कटुता की संभावना है। विदेशी यात्रा या कार्यों द्वारा धन भी प्राप्त होगा। दूसरो पर भरोसा रखने से विश्वासघात होगा ऐसी शंका है।

यदि आपने बंदूक-पिस्तौल रखी, नीलम या नीला नग पहना, बिजली का खराब सामान या बिजली की तारें घर में पड़ी होगी, दराज या कैश बॉक्स खाली रखे तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारण वश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आपके पिता को कष्ट होने की आशंका है। आपकी साढ़े दस-21-42 वर्ष आयु में पिता की मृत्यु होगी। पिता की मृत्यु गोली, जहर, ब्रेन हैमरेज से संभाव्य है। पिता की मौत के बाद बहुत क्षति होगी। आप ऐय्याश लोगों की संगति में रहेंगे, ऐसी आशंका है। अनुचित ढंग से धन कमाएंगे। आपकी परेशानी धातु संबंधी रोगों से बढ़ सकती है। आपकी संतान कमजोर और अपाहिज हो सकती है। आपकी जवानी गरीबी में कटेगी। पिता और दादा से नहीं पटेगी। आपके जन्म के पश्चात् आपके पिता की आर्थिक दशा तंग होने की संभावना है। आप काम में दक्ष होंगे और धूर्त लोग आपके साथ होंगे। फिजूल के झगड़े-फसाद होने की आशंका है। धन की हानि भी होती है।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:    

  1. नीलम या नीला नग न पहनें।
  2. घर में बंदूक/पिस्तौल न रखें।
  3. बिजली का सामान ठीक रखें।

उपाय:

  1. सिर पर चोटी रखें या सिर ढांप कर रखें।
  2. 4 किलो सिक्के का चौरस टुकड़ा 4 सूखे नारियल जल प्रवाह करें।
  3. सिगरेट पीते हैं तो चांदी की पाइप में लगा कर पियें।

द्वादश खाने का राहू : यदि आपकी जन्मकुंडली के बारहवें खाने में राहु पड़ा है। जिसकी वजह से आपके लिए तमाम सुख-सुविधाओं का योग रहेगा। आप योगी की तरह आचरण करेंगे। आप उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने बलबूते पर खड़े होंगे। व्यर्थ की चिंताओं से मुक्त रहेंगे। आप धनवान अपने भाई-बहन से स्नेह रखने वाले, शत्रु पर विजय प्राप्त करने वाले और सुख के साथ जीवन को गुजारेंगे। आप कभी भी अर्थिक रूप से परेशान नहीं होंगे। आपकी कन्या जन्म के बाद लक्ष्मी की बड़ी कृपा होगी और आपको सभी सुख प्राप्त होंगे। विवाह-उत्सव आदि कामों में खूब खर्च करेंगे। अथाह धन की प्राप्ति होगी। आप अपनी पुत्री व बहन पर अधिक खर्च करेंगे। आप पर ऋण का बोझ पड़ जाये तो वह शीघ्र उतर जाएगा। शुभ समय पर कोई काम करके कामयाबी हासिल करेंगे। ससुराल पक्ष धनवान होगा, शत्रुओं से बचाव होगा।

यदि आपके लड़कियां अधिक हुईं, मकान रोशनी वाला हुआ, बिना सोचे समझे काम किया, शेख चिल्ली की तरह बातें ही बातें बनाने की आदत हुई तो आपका राहु मंदा हो सकता है या किसी कारणवश राहु मंदा हो गया हो तो राहु के मंदे असर से आप बुरे व्यसनों की आदतों के कारण या समाज में बदनाम लोगों से दोस्ती के कारण दुःखी होंगे। आपको पसलियों या आंतों के रोग की आशंका बनती है। बवासीर रोग की आशंका है। दिमागी परेशानी के कारण रात्रि शयन में बाधा की आशंका है। आप शेख चिल्ली की तरह सपने देखेंगे और अपना समय बर्बाद करेंगे। मानसिक पीड़ा से दुःखी रहेंगे। फौजदारी-दीवानी मुकद्दमों में उलझ सकते हैं। गबन करने पर इल्जाम लगेगा। बिना सोच-समझे किये कामों में हानि हो ऐसी शंका है। आपके परिवार का बोझ आप पर होगा।

यदि आपको लगता है कि आपको उपरोक्त कष्ट है तो निम्नलिखित परहेज और उपाय करें।

परहेज:

  1. रसोई से बाहर खाना न खावें।
  2. घर के आंगन में धुआं न करें।

उपाय:

  1. घर के आखिर में अंधेरी कोठरी बनावें।
  2. चांदी का ठोस हाथी घर में रखें या चांदी का चौरस टुकड़ा सफेद धागे में डाल कर गले में धारण करें।

Acharya Anupam Jolly

आचार्य अनुपम जौली, यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है और अब आचार्य जी ने रमल शास्त्र पर अपनी कुछ अत्यंत विशिष्ट खोज करके यह साबित कर दिया कि कालांतर में विलुप्त हो चुकी हमारी अद्भुत एवं दिव्य ज्ञानवर्धक विद्यायें हमारे लिए बेहद लाभदायक थीं। जिन्हें अल्पज्ञान के चलते आप और हम नजऱ अन्दाज कर बैठे हैं।

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