राहुकाल

राहुकाल

राहुकाल में किए गए कार्यों का परिणाम सदैव शून्य ही होता है। माना जाता है कि राहुकाल में आरंभ किया गया कार्य राहु का असर होने के कारण निष्फल जाता है। राहुकाल की अवधि दिन के आठवें भाग (अर्थात डेढ घंटा) होती है। इस समयकाल के दौरान समस्त शुभ कार्यों को त्याग देना चाहिए। राहुकाल का समय सोमवार को सुबह 07:30 से 09 बजे तक, मंगलवार को दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक, बुधवार को दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक, गुरुवार को दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक, शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे से 12 बजे तक, शनिवार को सुबह 09 बजे से 10:30 बजे तक तथा, रविवार को शाम 04:30 से 06 बजे तक होता है।

Acharya Anupam Jolly

आचार्य अनुपम जौली, यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है और अब आचार्य जी ने रमल शास्त्र पर अपनी कुछ अत्यंत विशिष्ट खोज करके यह साबित कर दिया कि कालांतर में विलुप्त हो चुकी हमारी अद्भुत एवं दिव्य ज्ञानवर्धक विद्यायें हमारे लिए बेहद लाभदायक थीं। जिन्हें अल्पज्ञान के चलते आप और हम नजऱ अन्दाज कर बैठे हैं।

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