ज्योतिष में द्वितीय भाव

Second House in Astrology

कारक
बृहस्पितिपरिवार, धनं
बुध भाषणं
शुक्र परिवारं
सूर्य
चंद्रमा आँखें
लक्षण
स्थूल धन
सूक्ष्मपरिवार

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हैसियत/प्रतिष्ठा का भाव

रिश्तों का सूचक – छोटे भाई के द्वारा दिया उपहार।
शरीर के अंग – चेहरा, आँखें, दांत, गाल, मुंह, गला, ठोढ़ी, जीभ।

द्रक्कन कुण्डली के अनुसार –

(अ) दाई आँख,
(ब) दायां कंधा,
(स) जननांगों का दायां भाग।धनाभाव, कुटुम्बस्थान, वक्षस्थान, मारकस्थान।

आचार्य अनुपम जौली से सलाह लें

    2nd House in Astrology

    तनभावका प्रतीक –

    परिवार, मित्र, सांसारिक योग्यता, धन, बैंक में जमा धन, वित्तिय मामले, भौतिक कल्याण, सोना, चांदी, मोती, माणिक, स्टॉक व शेयर बांड, बैंकर/साहुकार, बिक्री योग्य व परिवर्तनशील सम्पत्ति, भाषण, वकील, शिक्षा, अध्ययन, कागजात, चेहरा, दाईं आँख, दूसरा विवाह, दृष्टि, सुरक्षा, मुर्दाघर, मृत्यु, स्व-लाभ/स्वयं के प्रयासों द्वारा प्राप्त लाभ।

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